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LIC का हो जाएगा IDBI बैंक! अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार

LIC का हो जाएगा IDBI बैंक! अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार

बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस...Editor

बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) आईडीबीआई बैंक के शेयर खरीद सकती है. मीडिया रिपोटर्स के अनुसार एलआईसी को इसके लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने का इंतजार है. अगर ऐसा होता है तो इसके बाद एलआईसी देश के बैंकिंग सिस्टम में प्रवेश कर जाएगी. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार एलआईसी की तरफ से आईडीबीआई बैंक के 43 प्रतिशत शेयर 10 हजार 500 करोड़ रुपये में खरीदने का विचार कर रही है. इसके बाद एलआईसी के पास बैंक के 51 प्रतिशत शेयर हो जाएंगे और कंट्रोलिंग पावर बीमा कंपनी के हाथों में आ जाएगी.

एलआईसी के पास 8 प्रतिशत शेयर

मौजूदा समय में एलआईसी के पास आईडीबीआई बैंक के 8 प्रतिशत शेयर हैं. मई में केंद्र सरकार ने बैंक में 80.96 प्रतिशत से बढ़ाकर 85.96 शेयर कर दिया था. एलआईसी बोर्ड की तरफ से पहले ही बैंक के कंट्रोलिंग शेयर लेने के बारे में मंजूरी दी जा चुकी है. सरकार की मंजूरी के बाद एलआईसी बोर्ड एक बार फिर से इस बार विचार कर सकता है.

पूंजी संकट से जूझ रहा आईडीबीआई बैंक

पूंजी संकट से जूझ रहे आईडीबीआई बैंक ने कई अन्य माध्यमों से पूंजी जुटाकर भी वित्तीय स्थिति सुधारने की कवायद शुरू की है. निजीकरण के बाद सरकार पर घाटे और एनपीए से जूझ रहे आईडीबीआई बैंक को दोबारा पूंजी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नहीं होगी. सरकार का उद्देश्य निजीकरण के जरिये बैंक के बोर्ड को पेशेवर बनाना है, ताकि बैंक के कामकाज में सुधार के साथ जवाबदेही आए.

कई सरकारी बैंकों के बीच विलय की खबरें भी तेज हैं. गौरतलब है कि केंद्र ने बैंकों को पुनर्पूंजीकरण के तहत इस साल 85 हजार करोड़ रुपये मुहैया कराने हैं, लेकिन इन बैंकों का घाटा ही 78 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है. इससे पहले खबर आई थी कि सरकार कई विकल्पों की तलाश कर रही है. इसमें बैंक में हिस्सेदारी घटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूश्नल प्लेसमेंट (QIP) का विकल्प भी शामिल था.

एक साल में 62 प्रतिशत घाटा बढ़ा

आपको बता दें पिछले एक साल में आईडीबीआई बैंक का घाटा 62 फीसदी तक बढ़ा है. फाइनेंशियल ईयर 2016-17 में उसका नुकसान 5158 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 8237 करोड़ रुपये हो गया है. बैंक का एनपीए भी इस दौरान 32 फीसदी बढ़कर 55 हजार 588 करोड़ रुपये पहुंच गया

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