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कांग्रेस की डिनर डिप्लोमेसी: ममता ने बनाई दूरी तो मायावती ने नहीं खोले पत्ते

कांग्रेस की डिनर डिप्लोमेसी: ममता ने बनाई दूरी तो मायावती ने नहीं खोले पत्ते

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष...Editor

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आज विपक्षी दलों के नेताओं के लिए डिनर का आयोजन किया है। इसे 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी पार्टियों की एकता के तौर पर देखा जा रहा है। इस डिनर के जरिए कांग्रेस की कोशिश बदले हालात में उन दलों को भी साथ करने की है जिन्हें भाजपा से परहेज है। सोनिया की दावत के बाद इसी तरह का डिनर देने का प्लान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सुप्रीमो शरद पंवार भी कर रहे हैं। वह इस डिनर में कांग्रेस को भी निमंत्रित करेंगे।

जहां कांग्रेस और एनसीपी मिलकर भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर बदले-बदले से लग रहे हैं। उनके सोनिया के डिनर में शामिल ना होने की खबरें सामने आ रही हैं। खबर है कि सोनिया के डिनर में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से ममता खुद तो इस डिनर में शामिल नहीं होंगी लेकिन सुदीप उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए शिरकत करेंगे। दीदी क्षेत्रीय पार्टियों से एक फेडरल फ्रंट बनाने के लिए कह चुकी हैं और साथ ही उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के एंटी-कांग्रेस और एंटी-बीजेपी फ्रंट को अपना समर्थन दिया है।

जस्टिस लोया की मौत मामले में बसपा विपक्षी दलों के साथ खड़ी नजर आई लेकिन यूपी में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने खुलकर बसपा उम्मीदवार के समर्थन का एलान किया है। इससे बसपा नेताओं के डिनर में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि बसपा प्रमुख मायावती और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के डिनर में हिस्सा लेने की संभावना नहीं है।

डिनर में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव के अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी के भी इस डिनर में शामिल होने की खबर है। सोनिया के डिनर में 17 विपक्षी दल साथ आएंगे। सभी साथ मिलकर संसद भवन के अंदर और बाहर भाजपा को घेरने के लिए साझा रणनीति बनाएंगे।

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