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मधुशाला जाने वालों को राहत देगी योगी सरकार, कम हो सकता है दारू पर टैक्स

मधुशाला जाने वालों को राहत देगी योगी सरकार, कम हो सकता है दारू पर टैक्स

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लखनऊ. हाईवे पर हुई शराबबंदी के चलते उत्तर प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष में 18 सौ से अधिक दुकानें महीनों बंद रहने से हुए राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए राज्य सरकार राजस्व बढ़ोतरी के लिए शराब पर लगने वाले टैक्स को घटा भी सकती है। संभावना जताई जा रही है कि जनवरी 2018 में सरकार नई आबकारी नीति जारी करेगी और उससे पहले ही शराब पर लगने वाला टैक्स कम करने पर विचार हो सकता है, जबकि टैक्स बढ़ोतरी से राजस्व तो बढ़ेगा ही लेकिन, उस सूरत में शराब की दूसरे राज्यों से तस्करी की संभावना भी बढ़ जाएगी।
बताते हैं कि शराब के कारोबार से राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार के पास दो ही विकल्प हैं। शराब पर लगने वाले घरेलू टैक्स को बढ़ाया जाए या फिर कम कर दिया जाए। टैक्स अधिक करने पर दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी की संभावना बढ़ जाती है, हालांकि राजस्व वसूली भी करीब-करीब हो ही जाती है, जबकि घरेलू टैक्स में कमी होने से राज्य में शराब की बिक्री में इजाफा होता है और ऐसे में आमदनी भी बढ़ती है। वहीं आबकारी मुख्यालय के अधिकारी बताते हैं कि टैक्स में कमी होने से आमदनी में बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल इसे उच्च स्तरीय निर्णय बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि जनवरी में नई आबकारी नीति आने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकार कौन सा कदम उठाती है या फिर बीच का कोई रास्ता निकाला जाएगा।
गौरतलब है कि सूबे में आबकारी विभाग से लाइसेंस आवंटित शराब की करीब 26 हजार दुकाने हैं। इनसे सरकार को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। वहीं समानांतर रूप से शराब का अवैध धंधा भी चलने से सरकार जाने-अनजाने घाटे में भी रहती है। उधर, हाइवे से 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर प्रतिबंध के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते आबकारी विभाग की हजारों दुकानों में ताले लटक गए थे।
महीनों यह स्थिति रहने के बाद सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट के पुनरीक्षित आदेश से आबकारी विभाग राहत में आया और अधिकांश दुकानें खुल गईं। फिर भी मुख्यालय की मानें तो करीब एक हजार दुकानें (नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र) अब भी बंद हैं। जिन्हें खुलवाने का प्रयास जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन बंद दुकानों राजकोष पर आए नुकसान के मद्देनजर भी सरकार नई आबकारी नीति में कुछ बदलाव कर सकती है।

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