Top
Home > विदेश > मालदीव संकट में राष्ट्रपति यामीन ने भारत को चिढ़ाया, चीन, पाक और सऊदी में भेजा दूत

मालदीव संकट में राष्ट्रपति यामीन ने भारत को चिढ़ाया, चीन, पाक और सऊदी में भेजा दूत

मालदीव संकट में राष्ट्रपति यामीन ने भारत को चिढ़ाया, चीन, पाक और सऊदी में भेजा दूत

मालेः मालदीव में जारी राजनीतिक ...Editor

मालेः मालदीव में जारी राजनीतिक संकट के बीच राष्ट्रपति अब्दुला यामीन ने बुधवार को चीन, पाकिस्तान और सऊदी अरब में दूत भेजने की घोषणा की है. द्वीपीय देश में सत्ता संघर्ष में आगे दिख रहे यामीन ने अपने पड़ोसी और लंबे समय से मित्र देश रहे भारत में दूत नहीं भेजा है. माना जाता है कि भारत मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद का समर्थक है और इसी कारण उन्होंने अपना कोई दूत भारत नहीं भेजा है. नशीद ने अपने देश में जारी राजनीतिक संकट के समाधान के लिए भारत से 'त्वरित कार्रवाई' की मांग की थी.


राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के आपातकाल की घोषणा करने और सैनिकों द्वारा देश के प्रधान न्यायाधीश को गिरफ्तार कर लेने के बाद देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है. यामीन के ऑफिस से जारी एक बयान में कहा गया है कि दूत मित्र देशों की यात्रा करेंगे और उन्हें वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देंगे. यामीन के ऑफिस से यह बयान चीन द्वारा भारत को किसी भी प्रकार के सैन्य हस्तक्षेप को लेकर धमकीदेने के कुछ ही समय बाद आया है. चीन ने भारत को चेताते हुए कहा था कि द्वीपीय देश में सैन्य हस्तक्षेप से स्थिति और जटिल हो जाएगी.

भारत ने मंगलवार को इस मामले में केवल एक बयान जारी किया था जिसमें यामीन सरकार के सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं मानने और देश में आपातकाल लगाने को चिंतनीय बताया गया था. इस बयान में भारत ने पूर्व राष्ट्रपति नशीद की अपील का कोई जिक्र नहीं किया था. ऐतिहासिक रूप से मालदीव भारत के करीब रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों में पड़ोसी द्वीपीय देश में चीन का प्रभाव बढ़ा है. मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति चीन और सऊदी अरब के करीबी माने जाते हैं. ये दोनों देश इन दिनों मालदीव में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुआ संकट
मालदीव में संकट तब पैदा हुआ जब बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद विपक्ष के 9 नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि उन पर मुकदमा राजनीति से प्रभावित और दोषपूर्ण है. सरकार ने आदेश के क्रियान्वयन से इनकार कर दिया जिसके बाद राजधानी माले में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं. इन झड़पों के बाद यामीन ने आपातकाल घोषित कर दिया. आपातकाल की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद और अन्य न्यायाधीश अली हामिद को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच या आरोप के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. विपक्ष का साथ देने वाले पूर्व राष्ट्रपति मामून अब्दुल गय्यूम को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया.

Tags:    
Share it
Top