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कांग्रेस को पंजाब में छह लोकसभा सीटों पर नए चेहरों की तलाश

कांग्रेस को पंजाब में छह लोकसभा सीटों पर नए चेहरों की तलाश

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सभी राजनीतिक पार्टियों ने 2019 के लोक सभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंजाब की 13 में से छह सीटें ऐसी हैं जहां पर कांग्रेस का नए चेहरे की जरूरत है और इनकी तलाश भी शुरू होने जा रही है। इन सीटों में से चार पर 2014 में चुनाव लड़ने वाले अब विधायक बन चुके हैं। इनमें तीन मंत्री भी बन गए हैं। इस बीच 2014 का लोक सभा चुनाव फिरोजपुर से लड़ने वाले सुनील जाखड़ ने अब गुरदासपुर में ही सेटल होने की तैयारी कर ली है। वह लोकसभा उपचुनाव में गुरदासपुर से करीब दो लाख मतों से जीते थे।


चार सीटों पर 2014 में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी बन गए विधायक, इनमें से तीन बन गए मंत्री

श्री आनंदपुर साहिब, बठिंडा, खडूर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर व संगरूर लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को नए चेहरे लाने पड़ेंगे। 2014 में बठिंडा सीट से मनप्रीत बादल, फतेहगढ़ साहिब से साधू सिंह धर्मसोत और संगरूर से विजय इंदर सिंगला लोकसभा चुनाव लड़े थे। तीनों कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री हैं।

खडूर साहिब से चुनाव लड़ने वाले हरमिंदर सिंह गिल पट्टी से विधायक हैं। फिरोजपुर से सुनील जाखड़ चुनाव लड़े थे और अब वह गुरदासपुर से सांसद हैं। वह अब फिरोजपुर जाने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैैं। वह गुरदासपुर में ही अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने में जुटे हैं और स्थायी घर खरीदने में मूड में हैैं।

श्री आनंदपुर साहिब से अंबिका सोनी चुनाव लड़ी थीं, लेकिन 2019 में उनके चुनाव मैदान में उतरने की संभावना नहीं के बराबर है। होशियारपुर व फरीदकोट की स्थिति भी कमोवेश ठीक नहीं है। होशियारपुर से 2014 में मोहिंदर सिंह केपी और फरीदकोट से जोगिंदर सिंह पंजगराई चुनाव लड़े थे और हार गए थे।

2017 के विधानसभा चुनाव में केपी आदमपुर और जोगिंदर सिंह भदौड़ से हार गए थे। दोनों ही प्रत्याशियों का हलका भी बदला गया था। कांग्रेस इन दो हलकों को लेकर भी गंभीर है। चूंकि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को 8 सीटों पर प्रत्याशियों के चेहरों को लेकर फैसला करना है। इसलिए भी कांग्र्रेस अभी से ही नए चेहरों को लेकर गंभीर होने लगी है।

'' लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नए चेहरों की तलाश होगी क्योंकि 2014 से लेकर अब तक तस्वीर बदल चुकी है। इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है

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