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सीएम योगी का कहीं ये बयान तो नहीं पड़ गया कैराना में बीजेपी को भारी

सीएम योगी का कहीं ये बयान तो नहीं पड़ गया कैराना में बीजेपी को भारी

यूपी में गोरखपुर और फूलपुर...Editor

यूपी में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट हारने के बाद सत्ताधारी भाजपा को कैराना सीट भी गंवानी पड़ी. यूं तो इस उपचुनाव में 4 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. लेकिन सभी की निगाहें कैराना पर टिकी हुई थीं. हालांकि भाजपा और उसके सहयोगी दल ने 2 सीटें जीत लीं, लेकिन कैरान गंवा दी. इस सीट पर इसलिए भी सभी की निगाहें थीं, क्योंकि यहां पर भाजपा के सामने संयुक्त विपक्ष की ताकत थी. लेकिन भाजपा को मात मिली.

इस सीट पर हार जीत के अपने अपने अनुमान और विश्लेषण सामने आ रहे हैं. लेकिन कहा जा रहा है कि कैराना में भाजपा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक बयान बहुत भारी पड़ गया. इस एक बयान ने अंतिम समय में जाटों को रालोद की ओर फिर से मोड़ दिया. दरअसल इस चुनावों में वैसे तो जाटों में भाजपा के लिए नाराजगी भी थी, लेकिन फिर भी कई पॉकेट्स में जाट भाजपा के पक्ष में ही थे. लेकिन एक सभा में योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में चौधरी अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी का बिना नाम लिए कहा, ''कुछ लोग अस्तित्व बचाने की दुहाई देकर वोटों की भीख मांगते फिर रहे हैं.''

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एक गैर जाट नेता इस तरह का बयान सुनकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में जाटों को मूड अचानक से बदल गया. वैसे भी चौधरी अजित सिंह जाटों के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं, उनके बारे में ऐसी बात सुनकर रातों रात जाट समुदाय का रुख भाजपा से रालोद की ओर मुड़ गया.

इसी बयान का असर था कि मुजफ्फरनगर दंगों से प्रभावित क्षेत्र में भी भाजपा से ज्यादा रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन को वोट मिले. भाजपा कैराना में अपनी जीत पक्की मान रही थी, क्योंकि पार्टी यहां से लोगों के पलायन का मुद्दा उठाकर बहुत पहले से सियासी जमीन तैयार कर रही थी. पूर्व भाजपा सांसद हुकुम सिंह के इस क्षेत्र पर पार्टी को काफी भरोसा था.

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गोरखपुर और फूलपुर में हार से सबक लेते हुए सत्ताधारी पार्टी ने यहां प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ा था. मतदान से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में अपनी और योगी सरकार की उपलब्धियों का बखान और विपक्ष पर तीखे हमले कर 'ब्रह्मास्त्र' भी चलाया था. चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद मोदी की इस रैली पर रालोद ने आपत्ति जताई थी. इतना कुछ होने के बाद इस लोकसभा सीट पर तबस्सुम ने भाजपा की मृगांका को लगभग 50 हजार मतों से पराजित किया.

ईवीएम में गड़बड़ी के बाद इस क्षेत्र के 73 बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया. भाजपा ने भी कैराना लोकसभा सीट को प्रतिष्ठा से जोड़कर रखा था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभाएं कीं, तो भाजपा के कई मंत्री, सांसद, विधायकों के अलावा आरएसएस की टीमें भी चुनाव प्रचार में लगाई गई थीं. पूर्व सांसद हुकुम सिंह का निधन होने से रिक्त हुई कैराना लोकसभा सीट पर सहानुभूति की हवा को देखते हुए भाजपा ने हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को ही प्रत्याशी बनाया था

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