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मायावती के आरोप पर प्रियंका का पलटवार

मायावती के आरोप पर प्रियंका का पलटवार

लोकसभा चुनाव 2019 में अपने...Editor

लोकसभा चुनाव 2019 में अपने प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर भाजपा की मदद का आरोप लगाने वाली बसपा मुखिया मायावती को कांग्रेस राष्टीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दो-टूक कहा कि भले ही मेरी जान चली जाए, लेकिन कांग्रेस न तो कभी भाजपा से समझौता कर सकती है और न भाजपा की मदद लेगी।

रायबरेली में कल 10-15 किमी. के अंतराल पर नुक्कड़ सभाओं में शामिल होने वाली प्रियंका गांधी कई बार राजमार्गों पर रुक-रुककर मीडिया से भी बातें करती रहीं। प्रियंका गांधी ने जब पूछा गया कि आपने भाजपा के वोट काटने की बात किस संदर्भ में कही थी तो उन्होंने तीखे तेवर में जवाब देते हुए कहा कि 'हमारी विचारधारा के जो कार्यकर्ता हैं, उनके एक-एक कण में संघर्ष का माद्दा है। हम भाजपा से जीवन भर लड़ेंगे। देश की राजनीति में भाजपा हमारी मुख्य शत्रु है। हमेशा उनसे लडऩे के लिए समर्पित रहेंगे और लड़ेंगे। यह सवाल उठ ही नहीं सकता। किसी भी तरह से। भाजपा विनाशक पार्टी है, जान चली जाएगी लेकिन समझौता नहीं करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि भाजपा को फायदा पहुंचाने से पहले मैं अपनी जान दे दूंगी।

उन्होंने कहा कि हर जगह पर हमने तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह ध्यान दिया है कि हमारे कोई भी कार्यकर्ता व नेता किसी तरह से भाजपा की मदद न करें। हर जगह पर पार्टी के प्रत्याशी मजबूती से लड़ें। कांग्रेस ने जो भी उम्मीदवार उतारे हैं वे सभी भाजपा से तगड़ा संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा का वोट काट रहे हैं और किसी का नहीं. मैं इस बारे में बहुत स्पष्ट हूं। मेरा लक्ष्य 2019 भी है और उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव 2022 भी। यह तो विचारधाराओं की लड़ाई है। यह देश के लिए, लोकतंत्र के लिए, लोकतंत्र को बचाने के लिए, लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने और सुरक्षित रखने की लड़ाई है। इसमें फायदे की बात नहीं है। इसमें देश का फायदा है। हम देश के लिए लड़ रहे हैं। अपनी विचारधारा के लिए लड़ रहे हैं। उस देश के लिए जिससे हम सब प्रेम करते हैं। इसमें सब सम्मान है।

उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा के साथ जितनी भी विचारधारा हमारे पक्ष में हमारे साथ हैं, हम भाजपा से इकट्ठे लड़ेंगे। इसके बाद वे दिनभर चलती रहीं, जहांं रुकीं वहांं प्रमुख रूप से इन्हीं बातों को दोहराती रहीं।

- मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।

- 15-15 लाख देने का, नौजवानों को रोजगार, किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा, हुआ कुछ नहीं।

- बीज खाद मिल नहीं रहा, 15 लाख रोजगार कम हो गया, किसानों की आमदनी हुई आधी

- नोटबंदी ने कमर तोड़ी, कालाधन आया नहीं, जीएसटी से दुकानदार प्रताडि़त हो रहे हैं।

- मोदी जी बिजली के बिल को तलवार से काटते दिखते हैं, जबकि गांव में 50-50 हजार का बिल पकड़े गरीब रोते मिलेंगे।

-भाजपा उम्मीदवार के पास एमएलसी पद रहेगा न जिला पंचायत का। दावे से कहती हूं, एक वर्ष में ही वे वापस मेरे पास आएंगे।

-शिक्षामित्रों, रोजगार सेवकों, आंगनबाड़ी, आशा बहुओं सहित जिसने हक मांगा उसी पीटा गया।

-12 हजार किसानों ने आत्महत्या की। सरकारी विभागों में 24 लाख पद खाली पड़े हैं।

-पीएम वाराणसी में एक भी गांव नहीं गए। गए होते तो गांव वाले बताते कि आवारा पशुओं के नाम क्या रखे गए हैं।

-भाजपा की विचारधारा विनाशक है, राष्ट्रवाद जनता का ध्यान भटकाने के लिए।

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