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ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन जल्द उत्तराखंड में एकेडमी की स्थापना करेगी

ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन जल्द उत्तराखंड में एकेडमी की स्थापना करेगी

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ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) जल्द उत्तराखंड में एकेडमी की स्थापना करेगी। इस एकेडमी के बनने के बाद राज्य के लोगों को तकनीकी शिक्षा से संबंधित कार्य के लिए कानपुर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। प्रदेश में स्थापित होने वाली एकेडमी में एआइसीटीई के सामान्य कामकाज के अलावा शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था भी होगी।

एआइसीटीई के वाइस चेयरमैन डॉ. एमपी पूनिया ने रविवार को स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ओपन बुक की अवधारणा का सबसे बड़ा उदाहरण स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन है। छात्र-छात्राओं को उद्योगों से जोडऩे और समस्याओं के समाधान के लिए प्रोजेक्ट और सेमिनार के माध्यम से प्रशिक्षित करना इसी अवधारणा से जुड़ा है। देशभर में एआइसीटीई का नया करिकुलम लागू कर दिया गया है। इसके तहत एक विषय में 220 क्रेडिट का घटाकर 160 कर दिया गया है। चार साल में तकनीकी विषय की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी को छह महीने अनिवार्य रूप से औद्योगिक प्रशिक्षण लेना होगा। परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव कर कोडिंग एप्लीकेशन पर जोर दिया जा रहा है। तकनीकी संस्थान में दाखिला लेने वाले छात्रों को शुरू के 21 दिनों तक इंडक्शन प्रोग्राम में भाग लेना होगा। इस मौके पर ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के कुलपति डॉ. राकेश कुमार शर्मा मौजूद रहे।

प्रोफेशनल इंजीनियङ्क्षरग बिल तैयार

डॉ. एमपी पूनिया ने बताया कि डिग्री लेने वाले युवाओं को इंजीनियर के रूप में मान्यता देने के लिए 2000 घंटे का कार्य अनुभव आवश्यक किया जा रहा है। इसके लिए एआइसीटीई ने 'प्रोफेशनल इंजीनियर बिल' तैयार किया है। जल्द ही डिग्री लेने वाले युवाओं को इंजीनियरों के रूप में सर्टिफाइड करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। आर्किटेक्ट के मामले में पहले से ऐसी ही व्यवस्था है। डिग्री के बाद दो-तीन साल में कुल 2000 घंटे काम के अनुभव को देखकर युवाओं को इंजीनियर के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया जाएगा।

शिक्षकों के लिए टे्रनिंग अनिवार्य

तकनीकी शिक्षा में शिक्षकों को अपडेट रखने के लिए उनके लिए कार्यकाल में छह महीने की ट्रेनिंग अनिवार्य की जा रही है। चाहे शिक्षक की उम्र 50 साल से अधिक क्यों न हो गई हो, उन्हें ट्रेनिंग लेनी ही होगी। शिक्षकों के लिए आठ मॉड्यूल को कोर्स तैयार किया गया है। हर शिक्षक को प्रमोशन पाने के लिए यह कोर्स करना होगा। सातवें वेतन आयोग के गजट में यह व्यवस्था की गई है कि पढ़ाई से बच्चे कितने संतुष्ट हैं, इसके आधार पर प्रमोशन किया जाएगा।

पॉलीटेक्निक में फैकल्टी पर सीटें निर्भर

उत्तराखंड के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में फैकल्टी के अनुरूप ही सीटें आवंटित होगी। डॉ. एमपी पूनिया ने कहा कि तकनीकी संस्थानों को जुलाई तक शत प्रतिशत फैकल्टी तैनात करनी होगी। जिस संस्थान में 50 फीसद फैकल्टी नहीं हैं, उस संस्थान को आवंटित सीटों में 50 फीसद की कटौती कर दी जाएगी।

कश्मीरी छात्र वापस संस्थान में आएंगे

प लवामा आतंकी हमले के बाद उपजे विवाद के दौरान जो कश्मीरी छात्र उत्तराखंड के शिक्षा संस्थानों को छोड़कर घर लौट गए थे, उन्हें ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन वापस संस्थान ज्वाइन करवाएगा। डॉ.एमपी पूनिया ने कहा कि संस्थानों से रिकार्ड लेकर प्रत्येक कश्मीरी छात्र से संपर्क किया जाएगा और उन्हें वापस संस्थान में पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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