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फोर लेन के नए एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे मेरठ और प्रयागराज

फोर लेन के नए एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे मेरठ और प्रयागराज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ...Editor

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ से बाहर कैबिनेट बैठक करने का कीर्तिमान बनाने के साथ ही प्रदेश को हर तरफ से जोडऩे के लिए सड़कों का जाल बिछाने वाले फैसलों को ही झंडी दी। प्रयागराज के कुंभ नगर में सम्पन्न कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि प्रयागराज से यही कामना है कि देश को नई गति देकर हर नागरिक को जीवन को खुशहाल बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की यहां पर सम्पन्न कैबिनेट बैठक का केंद्र बिंदु प्रयागराज ही था। प्रयागराज की कनेक्टिविटी के लिए गंगा एक्सप्रेस वे प्रस्तावित किया गया है। यह एक्सप्रेस वे फोर लेन होगा। इसके बाद में सिक्स लेन में परिवर्तित किया जाएगा। यह एक्सप्रेस वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रयागराज से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह तो सत्य है कि अनेक कारणों से इस बार का प्रयागराज कुंभ अनोखा है। पिछले कुंभ की तुलना में काफी कुछ बदल गया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास समय कम था, इसके बाद भी काफी अच्छा काम किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस भव्य तथा दिव्य कुंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद। निर्मल, पावन, अविरल गंगा का रूप प्रधानमंत्री की ही दूरदर्शिता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रयागराज में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली। प्रयागराज की कनेक्टिविटी के लिए कैबिनेट ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को प्रयागराज से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जायेगा। छह लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ, अमरोहा, बुलन्दशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक आएगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा हाईवे होगा।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में हैं तो जाहिर तौर पर हमारी कैबिनेट का केंद्र भी प्रयागराज है। कैबिनेट ने वेस्ट यूपी से जोडऩे के लिये गंगा एक्सप्रेस वे बनाने को सहमति दी है। मेरठ से अमरोहा, बदायूं से प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे बनेगा। इस पर 36 हजार करोड़ खर्च होगा। 600 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे के लिए सरकार को 6556 हेक्टयर जमीन की जरूरत होगी। यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे होगा।

इसके साथ ही यहां महर्षि प्रयागराज आश्रम का सुंदरीकरण होगा। यहां के श्रृंगवेरपुरम के सौंदर्यीकरण का फैसला किया गया है। इसकी कार्ययोजना बनेगी। भगवान राम के साथ मिलन के रूप में निषादराज की मूर्ति और पार्क वहां बनाया जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को भी आज सहमति दे दी गई है। यह तो 296 किलोमीटर लम्बा एक्सप्रेस वे है। इसके निर्माण पर 8664 करोड़ खर्च होंगे। इसके साथ 3641 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।

मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुष्ठ रोग से पीडि़तों को भी आवास बनाया जाएगा। 3791 कुष्ठ रोगियों को लाभ मिलेगा। प्रयागराज से चित्रकूट के बीच पहाड़ी में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा और रामायण शोध संस्थान बनाने का फैसला लिया गया है। यहां पर वाल्मिकी की प्रतिमा भी लगेगी। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के गोरखपुर लिंक को भी कैबिनेट ने सहमति दी है। 91 किलोमीटर के इस के लिंक पर 5555 करोड़ की लागत आएगी। इसका काम तेज गति से चल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म उरी को उतर प्रदेश सरकार ने कर मुक्त किया है। जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इस फिल्म को देखें और देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझें। सजिर्कल स्ट्राइक पर बनी उरी फिल्म पर स्टेट जीएसटी से मुक्त करने का फैसला किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैदिक संस्कृत को रामायण के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाने के लिए चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके साथ ही प्रयागराज में महर्षि भारद्वाज की अलौकिक प्रतिमा की स्थापना उपरांत पार्क का सौंदर्यीकरण किया गया है। यहां पर सरकार अब महर्षि भारद्वाज आश्रम का भी भव्य सौंदर्यीकरण कराएगी। प्रयागराज से चित्रकूट के बीच पहाड़ी में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा और रामायण शोध संस्थान बनाने का फैसला लिया गया है। यहां पर वाल्मिकी की प्रतिमा भी लगेगी।

कुंभनगर में आज योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल ने इतिहास बना दिया है। उत्तराखंड के गठन के बाद से यह पहला मौका है, जब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल की बैठक लखनऊ से बाहर हुई है। उन्होंने कहा कि अनेक कारणों से इस बार का प्रयागराज कुंभ अनोखा है। पिछले कुंभ की तुलना में काफी कुछ बदल गया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास समय कम था, इसके बाद भी काफी अच्छा काम किया गया है।

योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के साथ दो दर्जन से अधिक कैबिनेट मंत्री व स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री भी थे। उत्तराखंड का गठन होने के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल पहली बार लखनऊ के बाहर कैबिनेट बैठक का रिकार्ड बना दिया। कुंभनगर की टेंट सिटी में योगी आदित्यनाथ की दोनों डिप्टी सीएम अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ मंत्रिपरिषद की बैठक सम्पन्न हुई है। कुंभ मेले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की 31 जनवरी और 1 फरवरी को धर्म संसद होनी है। यहां से विहिप राम मंदिर निर्माण को लेकर अगली रणनीति तैयार करेगी।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ बांध पर लेटे हनुमान जी का दर्शन किया। इसके बाद सभी लोग अक्षय वट का दर्शन करने रवाना हो गए। हनुमान मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा का स्वागत नरेंद्र गिरी महाराज ने फूल माला से किया।

योगी आदित्यनाथ ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के साथ बांध के पास लेटे हनुमानजी का मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक व आरती की। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री बमरौली एयरपोर्ट पर स्टेट प्लेन से पहुंचे। वहां से कार से संगम के लिए रवाना हो गए।

योगी आदित्यनाथ ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के साथ बांध के पास लेटे हनुमानजी का मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक व आरती की। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री बमरौली एयरपोर्ट पर स्टेट प्लेन से पहुंचे। वहां से कार से संगम के लिए रवाना हो गए।

आठ हेलीकॉप्टर व दो स्टेट प्लेन आए

कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव मौर्य के साथ दो दर्जन कैबिनेट मंत्री तथा नौ स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री भी हैं। मंत्रियों के लिए कुंभ मेला क्षेत्र में शानदार इंतजाम किया गया है। योगी मंत्रिमंडल आठ हेलिकॉप्टर और दो स्टेट प्लेन से प्रयागराज कुंभ में पहुंचे। प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी और 15 प्रमुख सचिवों समेत प्रदेश के 150 से ज्यादा अफसर भी मेला क्षेत्र में डेरा डाले हैं।

मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य बमरौली एयरपोर्ट जाएंगे। 4:30 बजे सीएम गणतंत्र दिवस समारोह बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम के लिए रिजर्व पुलिस लाइन लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। उत्तराखंड के अलग होने (2000) के बाद यह पहला मौका है, जब राज्य में कैबिनेट बैठक राजधानी लखनऊ से बाहर हुई । इससे पहले 1962 में गोविंद वल्लभ पंत के शासन में एक बार प्रदेश कैबिनेट की मीटिंग नैनीताल में हुई थी।

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