चैत्र नवरात्रि 2025 अष्टमी 5 या 6 अप्रैल को कब रखा जाएगा व्रत? जानिए कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और सही तिथि

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी की उपासना के लिए समर्पित होता है। यह तिथि न केवल आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रीति-नीतियों के संदर्भ में भी अत्यंत पूज्य मानी जाती है। इस दिन देवी के आठवें स्वरूप की पूजा की जाती है, जो श्वेत वस्त्रों में सजी, सौम्य और शांत स्वरूप वाली मां महागौरी हैं।
महागौरी की पूजा से जीवन में सौंदर्य, शांति, और पवित्रता का संचार होता है। अष्टमी तिथि पर देवी भक्त व्रत रखते हैं, विशेष पूजा करते हैं और कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका पूजन कर भोजन कराते हैं, जिसे 'कन्या पूजन' या 'कन्या भोज' कहा जाता है। अब सवाल यह है कि 2025 में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी कब है – 5 अप्रैल या 6 अप्रैल? आइए इस पर विस्तार से जानते हैं।
कब है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी – 5 या 6 अप्रैल 2025?
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का आरंभ 5 अप्रैल 2025 को सुबह 6:52 बजे होगा, और यह तिथि समाप्त होगी 6 अप्रैल को सुबह 5:13 बजे। ऐसे में व्रत और पूजा का निर्धारण उदय तिथि (sunrise-based date) के अनुसार किया जाता है।
✅ इस हिसाब से अष्टमी व्रत और मां महागौरी की पूजा 5 अप्रैल 2025, शनिवार को रखी जाएगी।
✅ कन्या पूजन भी इसी दिन किया जाना शुभ रहेगा।
अष्टमी पूजा विधि और व्रत का महत्व
इस दिन स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें, घर के मंदिर को साफ करें और मां महागौरी की मूर्ति या चित्र की विधिवत स्थापना करें।
🔸 मां को सफेद फूल, सफेद चंदन, अक्षत, कुमकुम और नारियल अर्पित करें।
🔸 सफेद रंग मां महागौरी को प्रिय है, अतः सफेद प्रसाद जैसे मिश्री, नारियल या खीर अर्पित करें।
🔸 शुद्ध घी का दीपक जलाएं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
🔸 यदि व्रत रखा है तो दिनभर निराहार या फलाहार करें। शाम को पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें।
कन्या पूजन की महिमा और सही तरीका
अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसमें 2 साल से 10 साल तक की कन्याओं को देवी के नौ रूपों का प्रतीक मानकर सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता है।
✅ कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाएं।
✅ उन्हें तिलक लगाकर फूल, प्रसाद, भोजन और दक्षिणा दें।
✅ भोजन में पूड़ी, चने और हलवा विशेष रूप से दिए जाते हैं।
✅ 1 बालक (लांगूर) को भी साथ बैठाकर भोजन कराना अति शुभ होता है।
कहा जाता है कि कन्याओं को प्रसन्न करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
मां महागौरी की कृपा से प्राप्त होने वाले लाभ
✅ पापों का नाश और जीवन में शुद्धता का संचार
✅ वैवाहिक जीवन में सुख और संतुलन
✅ शांति, संयम और मानसिक स्थिरता
✅ सौंदर्य और चमक का आशीर्वाद
✅ संकटों से मुक्ति और कार्यों में सफलता
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 2025 में 5 अप्रैल को पड़ रही है। इस दिन मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है। यदि आप अष्टमी व्रत रखने जा रहे हैं, तो उपरोक्त पूजा विधि, मंत्र और पूजन विधानों का पालन करें। मां महागौरी की कृपा से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और जीवन सुखमय बनता है।
यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।