चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन, श्री लक्ष्मी पंचमी और राम राज्य महोत्सव का शुभ संयोग

चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन, श्री लक्ष्मी पंचमी और राम राज्य महोत्सव का शुभ संयोग
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चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और बुधवार का दिन विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। पंचमी तिथि आज रात 11:50 बजे तक प्रभावी रहेगी। यह दिन चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन के रूप में देवी स्कंदमाता की उपासना के लिए समर्पित है। देवी स्कंदमाता अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। उनकी पूजा करने से विशेष रूप से घर-परिवार में उन्नति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

शुभ योग और नक्षत्र का प्रभाव

आज के दिन दो प्रमुख ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं। सबसे पहले, देर रात 2:50 बजे तक आयुष्मान योग विद्यमान रहेगा। यह योग स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। वहीं, आज सुबह 8:50 बजे तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा, जिसके प्रभाव से आत्मबल और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है। इन शुभ संयोगों में पूजा-पाठ और व्रत करने से अत्यधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

श्री लक्ष्मी पंचमी का महत्व

आज के दिन श्री लक्ष्मी पंचमी का पर्व भी मनाया जाता है, जिसे धन और ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है। व्यापारी वर्ग इस दिन अपने व्यवसाय में वृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी का पूजन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विशेष रूप से श्रीसूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

राम राज्य महोत्सव का महत्व

आज ही के दिन राम राज्य महोत्सव भी मनाया जाता है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श शासन की याद दिलाता है। त्रेतायुग में इस दिन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के उपलक्ष्य में अयोध्या नगरी को भव्य रूप से सजाया गया था। राम राज्य को आदर्श शासन प्रणाली का प्रतीक माना जाता है, जहां धर्म, न्याय और समानता का पालन किया जाता था। इस अवसर पर रामायण का पाठ, हवन और विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।

क्या करें आज के दिन?

* देवी स्कंदमाता की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करें।

* मां लक्ष्मी की आराधना करके आर्थिक उन्नति और समृद्धि की प्रार्थना करें।

* भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करें और रामायण का पाठ करें।

* शुभ योगों के प्रभाव से लाभ उठाने के लिए दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ संयोग लेकर आया है। श्रद्धालु इस अवसर पर पूजा-अर्चना करके देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं।

यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।

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