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इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सीएए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सीएए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

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इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और उसके तहत बनाए गए नियमों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन करता है।


IUML ने अपनी याचिका में कहा है कि CAA केवल मुस्लिमों को नागरिकता से वंचित करता है, जो कि धर्म के आधार पर भेदभाव है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि CAA अनुच्छेद 15 का भी उल्लंघन करता है क्योंकि यह धर्म के आधार पर नागरिकों को विशेष अधिकार देता है।


IUML ने यह भी तर्क दिया है कि CAA अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है क्योंकि यह जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करता है। याचिका में कहा गया है कि CAA अनुच्छेद 25 का भी उल्लंघन करता है क्योंकि यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करता है।


IUML ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह CAA और उसके तहत बनाए गए नियमों को रद्द करे।


याचिका में मुख्य तर्क में CAA धर्म के आधार पर भेदभाव करता है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है। CAA अनुच्छेद 15 का उल्लंघन करता है क्योंकि यह धर्म के आधार पर नागरिकों को विशेष अधिकार देता है। CAA अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है क्योंकि यह जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करता है। CAA अनुच्छेद 25 का उल्लंघन करता है क्योंकि यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करता है।



IUML ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह CAA और उसके तहत बनाए गए नियमों को रद्द करे। यह याचिका CAA को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई कई याचिकाओं में से एक है।



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