राम नवमी 2025 पर रवि पुष्य योग और शनि गोचर, भूकंप, ग्रहण जैसी घटनाओं का असर और कष्ट निवारण के उपाय

राम नवमी 2025 पर रवि पुष्य योग और शनि गोचर, भूकंप, ग्रहण जैसी घटनाओं का असर और कष्ट निवारण के उपाय
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राम नवमी 2025 का पर्व इस बार एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग के साथ आ रहा है। 29 मार्च 2025 को शनि देव का मीन राशि में गोचर होगा, जो पृथ्वी और मानव जीवन पर विशेष प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही इस दिन रवि पुष्य योग भी बन रहा है, जो इसे और अधिक प्रभावशाली बना रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ऐसे संयोगों के कारण भूकंप, ग्रहण और अन्य प्राकृतिक घटनाएं घटित हो सकती हैं। ऐसे में इस विशेष समय पर शनि के प्रभाव को कम करने और जीवन में शांति बनाए रखने के लिए कुछ उपाय करना आवश्यक होगा।

रवि पुष्य योग और शनि गोचर का प्रभाव

रवि पुष्य योग को अत्यंत शुभ और दिव्य योग माना जाता है। यह योग यदि राम नवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर बनता है, तो इसका आध्यात्मिक और ज्योतिषीय प्रभाव और भी बढ़ जाता है। रवि पुष्य योग में किए गए कार्य शुभता प्रदान करते हैं, विशेषकर यदि इस दिन दान-पुण्य और मंत्र जाप किया जाए, तो यह अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होता है।

वहीं दूसरी ओर, शनि देव का मीन राशि में गोचर एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। जब शनि अपनी स्थिति बदलते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ पृथ्वी पर होने वाली घटनाओं पर भी देखा जाता है। शनि के इस गोचर के दौरान कई क्षेत्रों में उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदाएं और राजनीतिक अस्थिरता जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। भूकंप और ग्रहण जैसी घटनाएं भी इस अवधि में देखने को मिल सकती हैं। इसलिए, इस समय विशेष रूप से शनि ग्रह से जुड़े उपाय करने की सलाह दी जाती है।

राम नवमी पर शनि के उपाय: कैसे कम करें कष्ट?

राम नवमी पर यदि व्यक्ति सच्चे मन से भगवान श्रीराम की पूजा करने के साथ-साथ शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय करता है, तो जीवन में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकता है।

शनि मंत्र का जाप करें –

"ॐ शनिश्चराय नमः" मंत्र का जाप 108 बार करें।

शनि के प्रभाव को शांत करने के लिए "ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥" मंत्र का जाप भी लाभकारी होता है।

पीपल के पेड़ की पूजा करें –

राम नवमी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने और जल अर्पित करने से शनि दोष कम होता है।

इस दिन पीपल की परिक्रमा करने से भी शुभ फल मिलता है।

काले तिल और तेल का दान करें –

राम नवमी के दिन गरीबों को काले तिल और सरसों के तेल का दान करने से शनि की बाधाएं कम होती हैं।

शनिदेव को तिल और तेल अर्पित करके विशेष पूजा करें।

हनुमान जी की आराधना करें –

हनुमान जी को प्रसन्न करने से शनि देव की कुदृष्टि से बचा जा सकता है।

राम नवमी पर "हनुमान चालीसा" और "बजरंग बाण" का पाठ करें।

नीलम रत्न धारण करें (सावधानी के साथ) –

यदि ज्योतिषीय दृष्टि से अनुकूल हो, तो योग्य विद्वान की सलाह लेकर नीलम (ब्लू सफायर) रत्न धारण किया जा सकता है।

ध्यान रहे कि शनि के रत्न को पहनने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

राम नवमी 2025: शुभ योग और अवसर

राम नवमी पर इस वर्ष रवि पुष्य योग का संयोग बनने से इस दिन किया गया कोई भी धार्मिक कार्य कई गुना अधिक फलदायी होगा। इस दिन भगवान श्रीराम की आराधना के साथ शनि देव की शांति के लिए उपयुक्त उपाय करना अत्यंत लाभदायक रहेगा।

वर्तमान समय में जब खगोलीय घटनाएं और ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव व्यापक रूप से देखा जा रहा है, तब ऐसे उपाय जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाने में सहायक हो सकते हैं। इसलिए राम नवमी पर इन उपायों को अपनाकर जीवन में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त करें।

यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।

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