शनि ग्रह 28 फरवरी से होंगे अस्त, जानें राशियों पर प्रभाव और बचाव के उपाय

शनि ग्रह 28 फरवरी से होंगे अस्त, जानें राशियों पर प्रभाव और बचाव के उपाय
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वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को न्यायाधीश और कर्मफलदाता माना जाता है। शनि की चाल का सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन, समाज और दुनिया की घटनाओं पर पड़ता है। इस वर्ष 28 फरवरी 2025 से शनि अस्त होने जा रहे हैं, जिससे कई राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि शनि के अस्त होने से किन राशियों को लाभ और किन्हें सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

शनि अस्त 2025: तिथि और समय

शनि अस्त होने की तिथि: 28 फरवरी 2025

शनि अस्त का समय: रात्रि 11:30 बजे (लगभग)

शनि उदय की तिथि: 10 अप्रैल 2025

शनि जब अस्त होते हैं, तो उनकी ऊर्जा कमजोर हो जाती है और उनकी पूर्ण दृष्टि का प्रभाव भी कुछ हद तक कम हो जाता है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर अधिक पड़ता है जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया या महादशा चल रही होती है।

शनि अस्त का प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा?

✅ शनि अस्त से लाभ पाने वाली राशियां:

वृषभ (Taurus), कन्या (Virgo), मकर (Capricorn), कुंभ (Aquarius)

✔ इन राशियों को शनि के अस्त होने से राहत मिल सकती है।

✔ कार्यक्षेत्र में सफलता और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

✔ आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

✔ पुराने विवाद समाप्त होने की उम्मीद है।

शनि अस्त से सावधान रहने वाली राशियां:

मेष (Aries), कर्क (Cancer), तुला (Libra), वृश्चिक (Scorpio)

⚠️ करियर में रुकावटें आ सकती हैं।

⚠️ मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है।

⚠️ परिवारिक मामलों में धैर्य रखना आवश्यक होगा।

⚠️ धन हानि और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है।

शनि अस्त के दौरान बचाव के उपाय

✅ शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करें।

✅ पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

✅ शनिवार के दिन जरूरतमंदों को भोजन और काले तिल, उड़द दाल का दान करें।

✅ ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें।

✅ हनुमान चालीसा का पाठ करें और बजरंगबली की आराधना करें।

✅ शनि यंत्र की स्थापना करें और नियमित रूप से पूजा करें।

28 फरवरी 2025 से शनि अस्त होने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों को इस दौरान लाभ मिलेगा, जबकि कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान धैर्य, सतर्कता और उचित ज्योतिषीय उपाय अपनाकर नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।

यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।

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