विजया एकादशी 2025 24 फरवरी को करें ये खास उपाय, पूरी होगी हर मनोकामना

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है। यह व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस वर्ष विजया एकादशी 24 फरवरी 2025, सोमवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। आइए जानते हैं विजया एकादशी का महत्व, व्रत विधि और इस दिन किए जाने वाले विशेष उपाय।
🔹 विजया एकादशी का महत्व
विजया एकादशी का महत्व धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रीहरि की आराधना करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और भक्त को विजयश्री की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार, भगवान राम ने भी लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए इस व्रत का पालन किया था। इसी कारण इसे ‘विजया’ नाम दिया गया।
🔹 विजया एकादशी 2025 व्रत और पूजा विधि
* स्नान और संकल्प: प्रातःकाल जल्दी उठकर गंगा जल मिश्रित जल से स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
* भगवान विष्णु की पूजा: भगवान विष्णु की प्रतिमा को पीले वस्त्र पहनाकर, तुलसी पत्र और पीले फूल अर्पित करें।
* एकादशी कथा का पाठ: इस दिन विशेष रूप से विजया एकादशी व्रत कथा पढ़ना और सुनना शुभ माना जाता है।
* निर्जला या फलाहार व्रत: इस दिन श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, लेकिन यदि स्वास्थ्य कारणों से संभव न हो तो फलाहार कर सकते हैं।
* भजन-कीर्तन: दिनभर श्रीहरि का स्मरण करें और भजन-कीर्तन करें।
* दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
* अपराध से बचें: इस दिन झूठ बोलने, क्रोध करने और किसी का अपमान करने से बचें।
🔹 विजया एकादशी पर करने योग्य विशेष उपाय
1. श्रीहरि को पीले रंग के पुष्प अर्पित करें: यह उपाय भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और घर में सुख-समृद्धि लाने में सहायक होता है।
2. तुलसी के पौधे का पूजन करें: तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय होती है, इसलिए इस दिन तुलसी का पूजन और दीप प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
3. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें: इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
4. नारियल और सुपारी का दान करें: ऐसा करने से हर कार्य में सफलता मिलती है।
5. भगवान राम का स्मरण करें: क्योंकि यह व्रत प्रभु श्रीराम से जुड़ा है, इस दिन रामायण का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।
6. जरूरतमंदों को अन्न-जल का दान करें: इस दिन किसी गरीब को भोजन कराने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
🔹 विजया एकादशी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ: 23 फरवरी 2025 को रात 09:57 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 24 फरवरी 2025 को रात 07:29 बजे
व्रत पारण (उपवास खोलने का समय): 25 फरवरी 2025 को प्रातः 07:00 से 09:30 बजे तक
विजया एकादशी का व्रत जीवन में सफलता और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से पुण्य प्राप्ति होती है और सभी कार्यों में विजय का वरदान मिलता है। अतः 24 फरवरी 2025 को श्रद्धा और भक्ति के साथ यह व्रत जरूर रखें और शुभ फलों की प्राप्ति करें।
यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।