Public Khabar

AI रेस में भारत को बढ़त, एयरटेल नेक्स्ट्रा में 1 अरब डॉलर निवेश

एयरटेल ने सहयोगियों के साथ नेक्स्ट्रा में 1 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया। AI और डेटा सेंटर विस्तार से भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर रेस में मजबूत स्थिति में।

AI रेस में भारत को बढ़त, एयरटेल नेक्स्ट्रा में 1 अरब डॉलर निवेश
X

AI रेस में भारत को बढ़त, एयरटेल का बड़ा दांव

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था एक नए चरण में प्रवेश करती दिख रही है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सॉफ्टवेयर नहीं बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रतिस्पर्धा बन चुकी है। इसी परिदृश्य में Bharti Airtel ने अपनी डेटा सेंटर इकाई नेक्स्ट्रा में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है।

वैश्विक निवेशकों की भागीदारी

इस निवेश का नेतृत्व Alpha Wave Global कर रहा है, जबकि Carlyle Group और एंकरेज कैपिटल भी इसमें भागीदार हैं। इस फंडिंग राउंड में एयरटेल स्वयं भी निवेश करेगा। डील पूरी होने के बाद नेक्स्ट्रा का मूल्यांकन करीब 3.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंका गया है।

डेटा डिमांड और AI की बढ़ती जरूरत

यह निवेश ऐसे समय आया है जब भारत में डेटा खपत तेजी से बढ़ रही है और एआई आधारित सेवाएं बड़े पैमाने पर विस्तार कर रही हैं। नेक्स्ट्रा इस पूंजी का उपयोग अपने डेटा सेंटर नेटवर्क को मजबूत करने और नई क्षमताएं जोड़ने में करेगी, ताकि एंटरप्राइज, हाइपरस्केलर और सरकारी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

1 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य

एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन Gopal Vittal ने कहा कि नेक्स्ट्रा पहले ही देश के उन्नत और टिकाऊ डेटा सेंटर नेटवर्क में शामिल है। मौजूदा लगभग 300 मेगावॉट क्षमता को अगले कुछ वर्षों में 1 गीगावॉट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही करीब 25 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की योजना है।

निवेशकों का भरोसा

कार्लाइल इंडिया एडवाइजर्स के पार्टनर कपिल मोदी ने कहा कि नेक्स्ट्रा भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में दीर्घकालिक अवसरों का लाभ उठाने की मजबूत स्थिति में है। अल्फा वेव ग्लोबल के सह संस्थापक रिक गेरसन ने एआई आधारित बिजनेस को अपनी रणनीति का केंद्र बताया और भारती समूह के साथ साझेदारी पर भरोसा जताया। नवरोज डी उदवाडिया ने कहा कि भारत में एआई प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती उपयोगिता डेटा सेंटर की मांग को तेज कर रही है।

देशभर में विस्तार की तैयारी

नेक्स्ट्रा के पास इस समय 14 बड़े डेटा सेंटर और 120 से अधिक एज फैसिलिटी मौजूद हैं। इसके अलावा पुणे, चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में नए एआई रेडी कैंपस विकसित किए जा रहे हैं। कंपनी एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, ऊर्जा दक्षता और ऑटोमेटेड ऑपरेशंस पर भी काम कर रही है।

2030 तक तेज ग्रोथ का अनुमान

भारत का डेटा सेंटर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड एडॉप्शन और हाइपरस्केलर डिमांड इसके प्रमुख कारण हैं। अनुमान है कि 2030 तक यह सेक्टर करीब 21 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ते हुए 3400 मेगावॉट आईटी क्षमता तक पहुंच सकता है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा संकेत

यह निवेश केवल पूंजी निवेश तक सीमित नहीं है। यह दर्शाता है कि भारत एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Tags:
Next Story
Share it