बारामती में लैंडिंग के दौरान विमान हादसा, अजित पवार को लेकर जा रही फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त – जांच जारी
बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त तकनीकी खराबी, रनवे से फिसला विमान, दमकल और राहत टीमें मौके पर

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार को लेकर जा रहा एक छोटा विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था, जहां अजित पवार की एक जनसभा प्रस्तावित थी। हादसा एयरपोर्ट के रनवे के पास हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान जैसे ही लैंडिंग प्रक्रिया में था, उसी दौरान अचानक तकनीकी खराबी सामने आई। पायलट ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन नियंत्रण बिगड़ने के कारण विमान रनवे से फिसल गया और कुछ ही पलों में उसमें आग लग गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के कई हिस्से अलग-अलग दिशा में जा गिरे और घटनास्थल से काले धुएं का घना गुबार उठता देखा गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई फायर ब्रिगेड वाहनों को लगाया गया। सुरक्षा कारणों से बारामती हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। पूरे एयरपोर्ट क्षेत्र को सील कर दिया गया है।
सामने आई शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई है कि विमान में सवार सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। DGCA ने दुर्घटना की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक राज्य सरकार या प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की आधिकारिक मौत की पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जैसे ही हादसे की खबर सामने आई, राजनीतिक गलियारों में चिंता का माहौल बन गया। कई वरिष्ठ नेताओं ने हालात पर नजर बनाए रखने की बात कही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट खबर को साझा न करें।
फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए DGCA, एयरपोर्ट अथॉरिटी और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम जांच में जुटी हुई है। ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा के विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लैंडिंग के समय तकनीकी विफलता कैसे हुई और दुर्घटना किन परिस्थितियों में घटी।
