बारामती प्लेन क्रैश: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन, आज निकलेगी अंतिम यात्रा
हवाई हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की असामयिक मौत, पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर

महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा आघात पहुंचाते हुए दिग्गज नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती प्लेन क्रैश में असामयिक निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न सिर्फ उनके समर्थकों बल्कि पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। बुधवार को हुए इस भीषण विमान हादसे के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है, जो अपने लोकप्रिय नेता को नम आंखों से विदाई देने पहुंच रहे हैं।
अजित पवार का पार्थिव शरीर बारामती स्थित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर सरकारी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल परिसर से बाहर लाया गया, जहां भारी संख्या में समर्थक, पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। “अजित दादा अमर रहें” के नारों के बीच माहौल बेहद भावुक नजर आया और कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
बारामती प्लेन क्रैश को लेकर क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सिर्फ एक नेता की मौत नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। एक स्थानीय नागरिक ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। असल में दुर्घटना कैसे हुई, इसका सच जांच के बाद सामने आएगा, लेकिन यह घटना बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक है। किसानों, मजदूरों और उद्योग जगत के लिए अजित पवार एक मजबूत आवाज थे, जिनका अचानक चले जाना सभी के लिए बड़ा झटका है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बारामती को एक आदर्श विकास मॉडल के रूप में पूरे देश में पहचान मिली थी। बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास तक, इस क्षेत्र ने नई मिसाल कायम की थी। अजित पवार ने बारामती को जिस तरह से संवारा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बना रहेगा। हालांकि, उनके जाने से क्षेत्र के विकास पर भावनात्मक असर जरूर पड़ेगा, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई संरचना लंबे समय तक मार्गदर्शन देती रहेगी।
राज्यभर से राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक अंतिम यात्रा में शामिल होने बारामती पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। पूरे राज्य में शोक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है और कई जिलों में श्रद्धांजलि स्वरूप कार्यक्रम रद्द किए गए हैं।
