अलीगढ़ में खूनी रंजिश: अस्पताल में घुसकर प्रेमी को मारी गोली, यूपी पुलिस में तैनात प्रेमिका के भाइयों पर वारदात का आरोप

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां थाना क्वार्सी क्षेत्र के मैरिस रोड स्थित एक निजी अस्पताल के भीतर घुसकर दो युवकों ने इलाज करा रहे एक मरीज पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने युवक के सिर को निशाना बनाकर गोली मारी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों को जब अस्पताल के साहसी स्टाफ ने रोकने का प्रयास किया, तो हमलावर दहशत फैलाने के लिए हवा में गोलियां चलाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
आनन-फाणन में गंभीर रूप से घायल युवक, जिसकी पहचान वेदपाल के रूप में हुई है, को इलाज के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला गहरे प्रेम प्रसंग और प्रतिशोध से जुड़ा नजर आ रहा है। एसएसपी नीरज जादौन ने घटनास्थल और मेडिकल कॉलेज का मुआयना करने के बाद बताया कि घायल वेदपाल का मथुरा निवासी एक युवती के साथ पिछले पांच वर्षों से प्रेम संबंध था। विवाद की जड़ बीते 3 फरवरी को हुई युवती की शादी बनी, जिसमें वेदपाल ने पहुंचकर जमकर हंगामा किया था। उस दौरान युवती के परिजनों ने वेदपाल की जमकर पिटाई की थी और मथुरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
लगभग 15 दिनों तक जेल में रहने के बाद वेदपाल हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। हंगामे के दौरान उसके हाथ में आई गंभीर चोट के उपचार के लिए वह मैरिस रोड के निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था, जिसकी भनक युवती के परिजनों को लग गई और उन्होंने अस्पताल के भीतर ही इस खूनी खेल को अंजाम दे डाला।
इस वारदात में सबसे चौंकाने वाला पहलू हमलावरों का पुलिस बैकग्राउंड है। पुलिस के अनुसार, हमला करने वाले दोनों युवक युवती के भाई हैं, जिनमें से एक उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत है और दूसरा चचेरा भाई पीएसी (PAC) में तैनात बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, युवती के पिता भी पुलिस विभाग का हिस्सा हैं और वर्तमान में बागपत में तैनात हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
मुख्य आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वर्दी की धौंस दिखाने वाले इन अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और मामले की हर पहलू से सूक्ष्मता से जांच कर कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
