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आजमगढ़ में आधी रात को क्यों गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट? पुलिस की अचूक घेराबंदी में ऐसे फंसे कई जिलों की नींद उड़ाने वाले 'शिकारी'

उत्तर प्रदेश के एक शांत इलाके में रात के अंधेरे में अचानक खाकी और जरायम की दुनिया के बीच हुई इस खौफनाक टक्कर ने पूरे इलाके को थर्रा दिया है। आखिर क्या था वो राज जिसने सुरक्षा एजेंसियों को इतना बड़ा जाल बिछाने पर मजबूर कर दिया?

आजमगढ़ में आधी रात को क्यों गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट? पुलिस की अचूक घेराबंदी में ऐसे फंसे कई जिलों की नींद उड़ाने वाले शिकारी
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उत्तर प्रदेश का एक शांत इलाका उस वक्त गोलियों की गूंज से थर्रा उठा, जब आधी रात के घुप अंधेरे में खाकी और जरायम की दुनिया के बीच एक सीधी और खौफनाक टक्कर हो गई। आमतौर पर रात के सन्नाटे में होने वाली रूटीन चेकिंग अचानक एक बड़े एनकाउंटर में बदल जाएगी, इसका अंदाजा शायद वहां से गुजरने वाले किसी भी शख्स को नहीं था। यह घटना महज एक इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि लंबे समय से कई जिलों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने उन शातिर चेहरों को बेनकाब करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी, जिनका खौफ आसपास के कई इलाकों में पसरा हुआ था। इस पूरी वारदात ने पुलिस की मुस्तैदी के साथ-साथ अपराध के एक बड़े नेटवर्क की ओर भी सीधा इशारा किया है।


इस पूरी रोमांचक और खतरनाक कार्रवाई की पृष्ठभूमि तब तैयार हुई, जब आजमगढ़ और गाजीपुर सहित आसपास के कई जिलों में लूट, छिनैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक कुख्यात अन्तरजनपदीय गिरोह की हलचल तेज हो गई थी। इन बदमाशों की लगातार बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। इसी बीच 30 मार्च की देर रात जब कंधरापुर थाना क्षेत्र की पुलिस मुस्तैदी से संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिरों के जरिए एक बेहद सटीक और पुख्ता सूचना पुलिस महकमे तक पहुंची। जानकारी मिली कि किशुनदासपुर की तरफ से कम्हेनपुर की ओर एक मोटरसाइकिल पर कुछ बेहद संदिग्ध और खतरनाक किस्म के अपराधी आ रहे हैं, जो किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकते हैं।


इस अहम सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बिना कोई समय गंवाए फौरन अपना जाल बिछा दिया। चन्द्रमा ऋषि आश्रम के पास स्थित एक पुलिया के इर्द-गिर्द पुलिस ने ऐसी अचूक घेराबंदी की, जिसे भेद पाना किसी के लिए भी आसान नहीं था। कुछ ही देर के इंतजार के बाद, मुखबिर की सूचना सच साबित हुई और एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पुलिस बैरिकेडिंग की तरफ आती दिखाई दी। जैसे ही उन संदिग्ध चेहरों की नजर सामने मुस्तैद पुलिस टीम पर पड़ी, उन्होंने अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी कर ली और बचने का रास्ता ढूंढ़ने लगे। खुद को चारों तरफ से घिरता हुआ देखकर इन खूंखार बदमाशों ने पुलिस से सरेंडर करने के बजाय एक खौफनाक रास्ता चुना और अपनी जान बचाने के लिए पास की घनी झाड़ियों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर सीधा और जानलेवा फायर झोंक दिया।


बदमाशों द्वारा की गई इस अचानक और अंधाधुंध फायरिंग के जवाब में पुलिस ने शुरुआत में संयम बरता और उन्हें हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने की सख्त चेतावनी दी। लेकिन जब दूसरी तरफ से गोलियों की बौछार नहीं रुकी, तो पुलिस टीम को भी आत्मरक्षा में मजबूरन अपनी बंदूकों का मुंह खोलना पड़ा। दोनों तरफ से हुई इस भीषण क्रॉस फायरिंग में पुलिस की अचूक गोलियां दो बदमाशों के पैरों को चीरती हुई निकल गईं, जिससे वे वहीं ढेर हो गए। घायल अवस्था में पुलिस ने उन्हें तुरंत धर दबोचा और उनकी पहचान राहुल नगर मड्या के रहने वाले शिवम साहनी उर्फ अनुराग और राज निषाद के रूप में की। हालांकि, इस भारी अफरा-तफरी और रात के घुप अंधेरे का फायदा उठाकर उनका तीसरा साथी, गाजीपुर निवासी छोटू सिंह पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। गिरफ्तार किए गए दोनों बदमाशों के पास से पुलिस ने लूटी गई सोने की चैन, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में लगातार सघन दबिश दी जा रही है।

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