रेडियो चौबेपुर बुलेटिन-30 नवंबर: बनारसी पान का खतरा और चौबेपुर से वाराणसी तक की अहम अपडेट्स
बनारसी पान की आदत से कैंसर का बढ़ता खतरा, मोलनापुर में नई रोशनी, सारनाथ में एआई प्रशिक्षण, चौबेपुर में नकली वायर पकड़े जाने से लेकर टिकरी में जैविक खेती तक आज की स्थानीय खबरें।

रेडियो चौबेपुर पर 30 नवंबर, 2025 की खबरों में एक खबर ऐसी भी है, जो कुछ चुभन छोड़ने वाली है। बनारसी पान और जर्दा वाली तंबाकू का शौक अब खतरे से खाली नहीं रहा। टाटा सेंटर की नई रिपोर्ट ने साफ कहा कि इसे चबाने वाले लोग बाकी उपभोक्ताओं की तुलना में लगभग दस साल पहले कैंसर की गिरफ्त में आ जाते हैं। यह बात सुनते ही मन में एक अजीब सा डर जागा, जैसे किसी पुरानी आदत ने अचानक अपना असली चेहरा दिखा दिया हो। शहर के अस्पतालों में बढ़ती भीड़ खुद इस दावे की गवाही भी देती नजर आ रही है, चाहे कोई मानने को तैयार हो या नहीं।
मोलनापुर का माहौल हालांकि शाम होते ही बदल गया। पहली बार हेलोजन लाइटें टिमटिमाईं और गांव की गलियों में वह उजाला फैला जो लोग बरसों से चाहते थे। रामलीला प्रांगण तक रास्ता चमक उठा और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। विधायक त्रिभुवन राम और पूर्व प्रधान अशोक पांडे मौके पर मौजूद थे और इसे विकास की एक छोटी लेकिन ठोस शुरुआत मान रहे थे।
सारनाथ के DIET में तकनीक की नई लहर चल रही थी। एआई आधारित शिक्षण पर दो दिन की कार्यशाला खत्म हुई और BTC प्रशिक्षुओं ने हर सत्र को बड़े ध्यान से समझा। गुरुशाला की ट्रेनर लाबोंनी ने पढ़ाने के नए तरीके दिखाते हुए बताया कि एआई कोई खतरा नहीं बल्कि शिक्षक की मदद करने वाला एक उपकरण है, बस उसका सही इस्तेमाल जरूरी है।
बात निकली तो चौबेपुर की थोड़ी सख्ती भी सामने आ गई। भगतुआ चौराहे की अंशिका इलेक्ट्रिक दुकान से पुलिस ने नकली हैवेल्स वायर पकड़ा। कंपनी की ओर से शिकायत आई थी और दुकान चलाने वाला आरोपी मौके से पकड़ा गया। यह मामला फिर याद दिला गया कि बाजार में असली और नकली के बीच फर्क करना अब आसान नहीं रहा।
बरियासनपुर इंटर कॉलेज का दृश्य बिल्कुल उलट था। सामूहिक विवाह योजना के तहत 78 जोड़ों ने वैदिक मंत्रों के बीच फेरे लिए और माहौल में एक अलग ही खुशी तैर रही थी। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने फूल बरसाकर नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया।
कौवापुर पंचायत भवन में एक और ही तरह की चर्चा चल रही थी। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर सोलर जन चौपाल में लोगों ने सवाल पर सवाल पूछे और विशेषज्ञों ने धैर्य से सब कुछ समझाया। यूपी नेडा के अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि दो किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने से हर महीने अच्छी खासी बचत हो सकती है। गांव वालों को यह बात बिल्कुल व्यवहारिक लगी।
धरहरा के राजकीय हाईस्कूल में करियर मेल का माहौल थोड़ा उम्मीद जगाने वाला था। बच्चे अपने मॉडल लेकर आए और कई विचार तो इतने नए थे कि बड़े भी कुछ पल रुककर सुनते रह गए। सामाजिक कार्यकर्ता दीना नाथ सिंह और अपूर्व कुमार तिवारी ने बच्चों को अपने भविष्यों की राह समझाने की कोशिश की। प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी पांडेय हर कोने में जाकर यह देखती रहीं कि सब ठीक तरह से चलता रहे।
उधर कफ सीरप तस्करी का मामला राजनीतिक गलियारे में उफान पर था। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया पर खुद को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि सीबीआई जांच ही सच को सामने लाएगी। उनका साफ कहना था कि अफवाहों की उम्र लंबी नहीं होती।
आईआईटी बीएचयू के छात्रों के बीच हालांकि माहौल अलग ही था। प्लेसमेंट ड्राइव रविवार आधी रात से शुरू हो रही है और पूरे कैंपस में उत्तेजना सी फैल रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार छात्रों को और ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है।
टिकरी में किसान प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर झुकते दिख रहे थे। विशेषज्ञों ने उन्हें बीज उपचार से लेकर जैविक कीट नियंत्रण तक कई तरीके बताए और 135 किसानों ने पूरा प्रशिक्षण बहुत गंभीरता से सुना। लगता है किसान अब धीरे धीरे रासायनिक खेती से निकलकर नई राह अपनाने लगे हैं।
काशी विद्यापीठ में परीक्षा कार्यक्रम की तैयारी भी चल रही है। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 दिसंबर से होंगी और विश्वविद्यालय अगले हफ्ते से फॉर्म भरना शुरू करवाएगा। कुछ जिलों के कॉलेज इस बार अलग विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, इसलिए परीक्षा संरचना में थोड़ा बदलाव दिख रहा है।
इन सारी खबरों को जोड़कर देखो तो एक दिन खुद ब खुद तस्वीर बनाता जाता है। कहीं चिंता है, कहीं उम्मीद है और कहीं बदलाव की बड़ी छोटी लहरें। यही स्थानीय खबरें किसी जिले की असली धड़कन बताती हैं, बस हम कभी कभी इसे महसूस करना भूल जाते हैं।
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