बरेली में अपराधी की एक अजीबोगरीब जिद ने पुलिस को डाला हैरत में, सबूत छिपाने के लिए पार की सारी हदें
चोरी के मामले में पकड़े गए संदिग्ध की एक हरकत ने खाकी को अस्पताल तक दौड़ने पर किया मजबूर, 48 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा।

बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में कानून की पकड़ से बचने के लिए एक शातिर चोर ने ऐसी तरकीब अपनाई, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। आमतौर पर अपराधी चोरी का माल ठिकाने लगाने या उसे बेचने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहाँ मामला बिल्कुल उलट था। पुलिस के शिकंजे में फंसते देख आरोपी ने कानून की नजरों से सबूत ओझल करने के लिए जो रास्ता चुना, उसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ चिकित्सा जगत को भी अचंभित कर दिया। पकड़े गए शख्स ने बरामदगी से बचने के लिए धातु की एक वस्तु को शरीर के अंदर छिपाने का जोखिम मोल ले लिया, जिसके बाद पुलिस को उसे लॉकअप के बजाय अस्पताल की दहलीज पर ले जाना पड़ा।
इस पूरे प्रकरण की नींव 3 मार्च 2026 को पड़ी, जब सम्राट अशोक नगर के एक रिहाइशी मकान की दीवार फांदकर चोरों ने सेंधमारी की थी। उस रात अज्ञात चोर घर के अंदर से एक बुलेट मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और चांदी का एक कीमती ब्रेसलेट लेकर चंपत हो गए थे। पीड़ित परिवार की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और एक ऐप की मदद से संदिग्धों के हुलिए का मिलान किया। डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हजियापुर के रहने वाले सिकंदर उर्फ छोटा को हिरासत में लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद जब तलाशी ली गई तो पुलिस को मोबाइल और बाइक के बारे में सुराग मिले, लेकिन चांदी का ब्रेसलेट गायब था।
पूछताछ के दौरान आरोपी की संदिग्ध शारीरिक हरकतों और उसके चेहरे के हाव-भाव ने पुलिस को कुछ अलग सोचने पर मजबूर कर दिया। संदेह गहराने पर जब उसे जिला अस्पताल ले जाकर एक्स-रे कराया गया, तो डॉक्टर और पुलिसकर्मी दोनों चौंक गए; रिपोर्ट में उसके पेट के अंदर ब्रेसलेट होने की पुष्टि हुई। इसके बाद शुरू हुआ पुलिस का असली इम्तिहान, क्योंकि आरोपी खुद को बचाने के लिए शारीरिक प्रक्रियाओं को रोकने की कोशिश करता रहा ताकि सबूत बाहर न आ सके। डॉक्टरों की सख्त निगरानी और विशेष दवाओं के प्रभाव के बाद करीब दो दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पुलिस ने वह ब्रेसलेट बरामद कर लिया। फिलहाल, पुलिस आरोपी के खिलाफ चोरी के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने की धाराओं में भी कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।
