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काशी में दूध बनेगा ज्ञान और कारोबार का सेतु: सेहत, नवाचार और उद्यमिता की पाठशाला बीएचयू में

प्रयोगशाला से बाजार तक की यात्रा पर फोकस, देशभर के चयनित प्रतिभागी होंगे शामिल

काशी में दूध बनेगा ज्ञान और कारोबार का सेतु: सेहत, नवाचार और उद्यमिता की पाठशाला बीएचयू में
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दुग्ध विज्ञान को नई दिशा देता प्रशिक्षण कार्यक्रम

दूध और दुग्ध उत्पाद अब केवल पोषण तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलते समय में वे स्वास्थ्य, नवाचार और उद्यमिता से भी सीधे जुड़ रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कार्यात्मक दुग्ध खाद्य पर केंद्रित एक विशेष 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत होने जा रही है।

आईसीएआर प्रायोजित उन्नत संकाय प्रशिक्षण

बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के अंतर्गत दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित यह उन्नत संकाय प्रशिक्षण कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित है। यह कार्यक्रम 5 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें देशभर से चयनित 15 प्रतिभागी भाग लेंगे।

कामधेनु सभागार में होगा उद्घाटन

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन बीएचयू स्थित कामधेनु सभागार में किया जाएगा। शुभारंभ भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी होंगे।

विशिष्ट अतिथि और अध्यक्षता

उद्घाटन अवसर पर प्रबंधन अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुजीत कुमार दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राज कुमार दुआरी करेंगे, जो इस सीएएफटी कार्यक्रम के निदेशक भी हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा

वरिष्ठ प्राध्यापक एवं पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. अनिल कुमार चौहान प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत खाका प्रस्तुत करेंगे। वे प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों, शैक्षणिक ढांचे और अपेक्षित परिणामों की जानकारी देंगे। पूरे कार्यक्रम का समन्वय सहायक प्राध्यापक डॉ. तरुण वर्मा द्वारा किया जाएगा।

व्यावहारिक और शोध आधारित प्रशिक्षण

इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण, समूह चर्चा और दुग्ध प्रसंस्करण व उत्पाद विकास से जुड़े व्यावहारिक सत्र शामिल होंगे। कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि मूलभूत दुग्ध विज्ञान और तेजी से बढ़ते कार्यात्मक दुग्ध खाद्य बाजार के बीच सीधा सेतु स्थापित हो सके।

कार्यात्मक दुग्ध खाद्य के प्रमुख विषय

प्रशिक्षण के दौरान दूध के जैव सक्रिय घटकों की पहचान, उन्नत प्रसंस्करण तकनीक, उत्पाद स्थिरता से जुड़ी चुनौतियां, नियामक ढांचा और व्यवसायीकरण की रणनीतियों पर विशेष फोकस रहेगा। उद्देश्य यह है कि प्रतिभागी शोध के साथ साथ उद्योग उन्मुख सोच भी विकसित कर सकें।

धन्यवाद ज्ञापन और मंच संचालन

उद्घाटन सत्र का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ होगा, जिसे सह प्राध्यापक डॉ. अरविंद कुमार प्रस्तुत करेंगे। मंच संचालन की जिम्मेदारी सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकिता हुड्डा निभाएंगी।

बीएचयू की अकादमिक प्रतिबद्धता

आईसीएआर प्रायोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीएचयू की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत कृषि शिक्षा, संकाय विकास और अनुसंधान आधारित नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त किया जा रहा है। कार्यात्मक दुग्ध खाद्य के क्षेत्र में यह पहल आने वाले समय में शिक्षा और उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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