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करोल बाग की सड़कों पर आधी रात आखिर ऐसा क्या हुआ कि मच गई चीख-पुकार?

श्रद्धा और उल्लास के बीच दिल्ली के झंडेवालान मार्ग पर पसरा मातम, उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल।

करोल बाग की सड़कों पर आधी रात आखिर ऐसा क्या हुआ कि मच गई चीख-पुकार?
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राजधानी दिल्ली में जब पूरा शहर नवरात्रि की तैयारियों और भक्ति में डूबा हुआ था, तभी मंगलवार की देर रात करोल बाग के पास एक ऐसी भयावह घटना घटी जिसने सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। झंडेवालान मंदिर के ठीक पास स्थित हनुमान मंदिर चौक पर सन्नाटे को चीरती हुई एक जोरदार आवाज ने आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक राजस्थान नंबर की एक विशालकाय डबल डेकर बस अपनी दिशा खोकर सड़क के बीचों-बीच धराशायी हो चुकी थी। यह हादसा महज एक वाहन का पलटना नहीं था, बल्कि उन दर्जनों जिंदगियों के लिए एक खौफनाक मंजर था जो चैन की नींद सो रहे थे और अचानक खुद को मलबे और सामान के बीच फंसा हुआ पाया।


दमकल विभाग और पुलिस प्रशासन को इस अनहोनी की सूचना रात करीब 1 बजकर 8 मिनट पर मिली, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य का सिलसिला शुरू हुआ। मौके पर पहुंचे बचाव दल ने देखा कि बस के भीतर चीख-पुकार मची हुई थी और यात्रियों का सामान पूरी सड़क पर बिखरा पड़ा था। लगभग 25 यात्रियों से भरी इस बस में सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय नागरिकों ने भी अदम्य साहस का परिचय दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था, क्योंकि इस दर्दनाक वाकये ने दो परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। अस्पताल ले जाए गए घायलों में से दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।


इस पूरी घटना ने प्रशासनिक सतर्कता और रात के समय सड़कों पर दौड़ने वाले भारी वाहनों की गति सीमा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। चश्मदीदों की मानें तो बस की रफ्तार और अनियंत्रित होने के पीछे की वजहों की जांच होनी अभी बाकी है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे एक भीषण मानवीय त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और क्रेन की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त बस को रास्ते से हटाया जा सका। जांच एजेंसियां अब इस पहलू पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर ड्राइवर की किसी लापरवाही ने इतने बड़े हादसे को दावत दी।


नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां मंदिरों के आसपास सुरक्षा और सुगमता की उम्मीद की जाती है, वहां इस तरह के हादसे का होना सुरक्षा व्यवस्था पर एक गहरा दाग छोड़ गया है। पुलिस ने फिलहाल केस दर्ज कर लिया है और बस के मालिकों सहित चालक से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। घायलों का उपचार जारी है, लेकिन इस घटना ने उन यात्रियों के मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है जो अक्सर लंबी दूरी की बसों में सफर करते हैं। फिलहाल, पूरा इलाका इस अनहोनी की चर्चाओं से गरम है और हर कोई बस यही पूछ रहा है कि आखिर उस रात उस मोड़ पर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसता-खेलता सफर मौत के मातम में तब्दील हो गया।

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