दिल्ली के ओखला में मासूमियत शर्मसार: तीन किशोरों पर लगा 7 वर्षीय बच्ची से कुकृत्य का आरोप, इलाके में तनाव के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली के ओखला में मासूम से दरिंदगी: तीन किशोरों ने दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ने भेजा बाल सुधार गृह।

देश की राजधानी दिल्ली का ओखला इंडस्ट्रियल एरिया एक बार फिर मासूमों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है। यहाँ एक सात साल की अबोध बच्ची के साथ जिस तरह की हैवानियत की कोशिश की गई, उसने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि महानगरीय समाज में किशोरों के बढ़ते अपराध ग्राफ पर भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। प्राप्त विवरण के अनुसार, इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि पड़ोस में ही रहने वाले तीन नाबालिग लड़के हैं। इस घटना ने पूरे ओखला क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग मासूमों की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कदम उठाए हैं, ताकि न्याय की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जा सके।
घटना का आधिकारिक खुलासा तब हुआ जब 14 मार्च को पुलिस को एक पीसीआर कॉल के माध्यम से इस दुस्साहिक वारदात की सूचना मिली। शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस टीम ने तत्काल पीड़िता के परिजनों से संपर्क किया और कानून के तय मानकों का पालन करते हुए बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए एम्स (AIIMS) भेजा। एम्स के विशेषज्ञों द्वारा की गई जांच में प्रारंभिक रूप से यौन शोषण के प्रयासों की पुष्टि हुई है, जो इस मामले की भयावहता को दर्शाता है। दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों ने संवेदनशीलता बरतते हुए बच्ची का बयान दर्ज किया, जिसमें उसने आपबीती सुनाते हुए बताया कि 12 और 13 मार्च को पड़ोस के ही तीन लड़के उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान गोदाम में ले गए थे, जहाँ उसके साथ इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने की कोशिश की गई।
कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी लड़कों की आयु महज 12 से 13 वर्ष के बीच है। इन तीनों किशोरों को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के विरुद्ध यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। नियमानुसार, तीनों आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें बाल सुधार गृह (Observance Home) भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा और न्याय मिले। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर किस दिशा में हमारी नई पीढ़ी जा रही है।
