गंगा एक्सप्रेसवे फरवरी में खुलेगा: मेरठ से प्रयागराज तक सफर होगा तेज, टोल प्लाजा पर हाईटेक कैमरा सिस्टम तैयार
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ेगा, टोल प्लाजा पर बिना रुके निकल सकेंगे वाहन

उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई गति देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब आम जनता के लिए खुलने को पूरी तरह तैयार है। देश का सबसे लंबा यह एक्सप्रेसवे फरवरी के दूसरे सप्ताह में यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। करीब 594 किलोमीटर लंबे इस मेगा प्रोजेक्ट ने मेरठ से प्रयागराज तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी स्थापित कर दी है, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के पूरा होने से राज्य के परिवहन नेटवर्क को ऐतिहासिक मजबूती मिलने जा रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। अभी तक इस सफर में जहां कई घंटे लग जाते थे, वहीं एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यात्रा का समय काफी घट जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे के मार्ग में पड़ने वाले कई जिलों के लिए यह सड़क विकास का नया द्वार खोलने वाली साबित होगी।
इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक कैमरे, सेंसर और हाईटेक सर्विस सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। प्रारंभिक ट्रायल के दौरान यह देखा गया कि जैसे ही फास्टैग स्कैन हुआ, टोल बूम मात्र 1 से 1.5 सेकंड में खुल गया। कई वाहन बिना ब्रेक लगाए सीधे टोल प्लाजा से गुजरते नजर आए, जिससे स्पष्ट है कि यह सिस्टम हाई-स्पीड ट्रैफिक के अनुरूप पूरी तरह सक्षम है।
इंजीनियरों और तकनीकी टीम का लक्ष्य है कि एक्सप्रेसवे पर टोल बूथ केवल औपचारिकता बनकर रह जाए। प्रयास यह किया जा रहा है कि वाहन चालकों को कहीं भी रुकने या ब्रेक लगाने की आवश्यकता न पड़े। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी। टोल प्लाजा पर लगे स्मार्ट कैमरे वाहनों की पहचान, नंबर प्लेट रीडिंग और फास्टैग सत्यापन को बेहद तेजी से पूरा कर रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन में आने से उत्तर प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। सड़क किनारे औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और नए निवेश के अवसर पैदा होंगे। साथ ही आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और माल परिवहन को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
कुल मिलाकर गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का नया अध्याय है। इसके खुलते ही राज्य के दो बड़े हिस्सों के बीच दूरी सिमट जाएगी और यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आधुनिक सड़क परिवहन का अनुभव मिलेगा।
