गाजियाबाद के बुद्ध बाजार में आधी रात को हुई चीख-पुकार और फिर बिछ गईं दो लाशें: दावत के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ?
दोस्ती और विश्वास के बीच उपजे एक संदेह ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार, पुलिस तलाश रही है फरार कातिल के सुराग।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित लोनी के ट्रोनिका सिटी इलाके से रूह कंपा देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बुद्ध बाजार कॉलोनी के एक घर में रात के सन्नाटे को भेदती हुई गोलियों की गूंज ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया। यह घटना महज एक अपराध नहीं है, बल्कि एक दशक से अधिक पुराने रिश्तों, गहरी दोस्ती और फिर उपजे घातक संदेह की परिणति के रूप में देखी जा रही है। आधी रात के बाद हुई इस हिंसा ने सात बच्चों के सिर से साया छीन लिया है और कानून-व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के रामपार्क इलाके में स्थित इस मकान में राशिद नामक व्यक्ति अपनी पत्नी शबनम और सात बच्चों के साथ रहता था। राशिद और उसका पुराना दोस्त फहीम एक साथ बांस-बल्लियों का कारोबार करते थे। रविवार की रात को राशिद ने फहीम को अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया था। घर के सभी सदस्यों और मेहमान ने एक साथ खाना खाया, लेकिन किसी को इस बात का इल्म नहीं था कि यह दावत मौत के ताने-बाने का हिस्सा है। रात करीब 12:40 बजे पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि बुद्ध बाजार मोहल्ले में भीषण झगड़ा हुआ है, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
डीसीपी रूरल सुरेंद्रनाथ तिवारी के नेतृत्व में जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा भयावह था। 36 वर्षीय शबनम और 32 वर्षीय फहीम के खून से लथपथ शव जमीन पर पड़े थे। प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि राशिद को अपनी पत्नी और अपने ही दोस्त फहीम के बीच अवैध संबंधों का गहरा संदेह था, जिसका वह लंबे समय से विरोध कर रहा था। चश्मदीदों के अनुसार, खाने के बाद जब तीनों एक कमरे में बैठे थे, तब वहां से बहस की तेज आवाजें आने लगीं और अचानक राशिद ने बेहद करीब से दोनों पर गोलियां बरसा दीं। हमला इतना सटीक और घातक था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राशिद मौके से फरार हो गया है और उसका पूरा परिवार घर पर ताला लगाकर कहीं चला गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन पुलिस का मानना है कि बेहद नजदीक से (ब्लैक रेंज) गोली मारी गई है। गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। सात बच्चों के इस परिवार में बड़े बेटे की शादी हो चुकी है, लेकिन इस एक खौफनाक रात ने पूरे कुनबे को बिखरने की कगार पर ला खड़ा किया है।
