रफ्तार का जुनून या मौत को आमंत्रण? गाजियाबाद के फ्लाईओवर पर उस तड़के क्या हुआ था
फ्लाईओवर पर बिखरे खून के धब्बे और एक अधूरी वीडियो रील कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

गाजियाबाद के वेव सिटी इलाके में रविवार की अलसुबह हुई एक दर्दनाक घटना ने सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर एक नई बहस छेड़ दी है। आईएमएस कॉलेज के सामने बने फ्लाईओवर पर जब शहर सो रहा था, तब एक स्पोर्ट्स बाइक पर सवार दो युवा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा महज एक संयोग नहीं बल्कि रफ्तार के बेतहाशा जुनून और लापरवाही का नतीजा था। तड़के करीब चार बजे जब सड़कों पर सन्नाटा था, तब एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों दूर जा गिरे, जिनमें से एक की मौके पर ही हालत बेहद नाजुक हो गई।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह मोबाइल फोन है, जिससे घटना के वक्त वीडियो बनाया जा रहा था। जांच में यह बात सामने आई है कि बाइक 19 वर्षीय युवती इकरा चला रही थी, जबकि पीछे बैठा 20 वर्षीय युवक हाशिम रील बनाने के लिए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। न तो चालक ने हेलमेट पहन रखा था और न ही पीछे बैठे युवक ने सुरक्षा का कोई ध्यान रखा था। हाई-स्पीड स्पोर्ट्स बाइक को कैमरे के फ्रेम में कैद करने की कोशिश में चालक का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह छूट गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वहां का मंजर खौफनाक था; फ्लाईओवर के कंक्रीट पर गिरे युवाओं में से युवती के सिर पर आई गहरी चोट ने उसके बचने की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया था।
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दोनों घायलों को पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद युवती इकरा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल हाशिम की कमर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद संयुक्त जिला अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक युवक की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह बाइक की अत्यधिक गति और चालक का ध्यान भटकना पाया गया है। फ्लाईओवर पर इस तरह की स्टंटबाजी या वीडियो बनाने का शौक पहले भी कई परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे चुका है।
पुलिस को सुबह करीब 4 बजे आईएमएस कॉलेज के पास दुर्घटना की सूचना मिली थी। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है, जिसमें यह भी देखा जा रहा है कि क्या उस समय इलाके में कोई और वाहन भी मौजूद था या यह पूरी तरह से एक सेल्फ-एक्सीडेंट था। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी दुख और गुस्सा है। लोगों का मानना है कि रात के समय खाली सड़कों पर युवाओं द्वारा की जाने वाली रील मेकिंग और स्टंटबाजी पर लगाम लगाना अब अनिवार्य हो गया है। साहिबाबाद के इकबाल कॉलोनी निवासी इन युवाओं के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी एक छोटी सी भूल ने एक हंसती-खेलती जिंदगी को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
