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गोंदिया में दिनदहाड़े ‘खून का हिसाब’: क्या 9 महीने पुराना जख्म बना नई वारदात की वजह?

एक पुरानी हत्या, जमानत पर रिहाई और फिर अचानक हुआ हमला—गांव में उठ रहे कई सवाल

गोंदिया में दिनदहाड़े ‘खून का हिसाब’: क्या 9 महीने पुराना जख्म बना नई वारदात की वजह?
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महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के एक छोटे से गांव में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को हिला दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और बदले की मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोरेगांव तहसील के पालेवाड़ा हेटी गांव में दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वारदात की जड़ें करीब नौ महीने पहले हुई एक दूसरी हत्या से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिसने अब एक नए खूनी अंजाम को जन्म दिया।


जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक की पहचान भूरू उर्फ देवेंद्र ताराम (25) के रूप में हुई है, जिस पर पहले एक व्यक्ति की हत्या का आरोप था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने कथित तौर पर लोहे की कुल्हाड़ी से आसाराम कांबले पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन कुछ समय बाद उसे जमानत मिल गई। उसकी यही रिहाई अब उसके लिए घातक साबित हुई।


बताया जा रहा है कि आसाराम कांबले की हत्या के बाद उनके परिवार में गहरा आक्रोश था, खासकर उनके बेटे सुनील कांबले के भीतर। पिता की मौत का सदमा और न्याय की प्रतीक्षा के बीच वह लगातार मौके की तलाश में था। जैसे ही उसे देवेंद्र के सामने आने की भनक लगी, उसने कथित तौर पर उस पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर ने तेजधार हथियार से कई वार किए, जिससे मौके पर ही युवक की मौत हो गई। इस घटना ने गांव में अफरा-तफरी मचा दी और लोग दहशत में आ गए।


वारदात के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित कर दी हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश तेजी से जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक गुस्से में अंजाम दी गई।


यह मामला केवल एक हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था, व्यक्तिगत बदले और सामाजिक तनाव के जटिल पहलुओं को भी उजागर करता है। गांव के लोग अब भी इस घटना को लेकर सहमे हुए हैं और चर्चा का केंद्र यही सवाल है कि क्या कानून से पहले बदले की भावना हावी हो रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की और अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

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