गोरखपुर में नदी किनारे लावारिस मिलीं चार साइकिलें और कपड़े
मिर्जापुर घाट पर पीपा पुल के पास मची चीख-पुकार, आखिर पांच दोस्तों के साथ उस दोपहर ऐसा क्या हुआ?

गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर घाट पर राप्ती नदी का शांत किनारा बुधवार दोपहर अचानक एक अनसुलझी पहेली बन गया, जब वहां पीपा पुल के पास चार साइकिलें, कुछ कपड़े और एक मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़े मिले। इन सामानों का वहां होना किसी अनहोनी का संकेत दे रहा था, जिसने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। दरअसल, दोपहर के वक्त पांच किशोरों की एक टोली घर से मस्ती करने निकली थी, लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही वापस लौट सका। लापता हुए चार किशोरों की तलाश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने जब नदी के गहरे पानी में अपना जाल फैलाया, तो अगले 48 घंटों तक जो मंजर सामने आया, उसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब रानीडीहा और मालवीय नगर इलाके के रहने वाले पांच दोस्त—अमन, विवेक, गगन, अनिकेत और राजकरन अपनी साइकिलों से मिर्जापुर घाट पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि गर्मी से राहत पाने के लिए ये सभी नदी में नहाने उतरे थे, लेकिन पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण इनमें से चार किशोर—अमन उर्फ बीरू राजभर (15), विवेक निषाद (15), गगन पासवान (15) और अनिकेत यादव (13)—अचानक गहरे भंवर में समाने लगे। इस बीच राजकरन उर्फ टाइमपास किसी तरह संघर्ष करते हुए किनारे तक पहुंचने में सफल रहा और अपनी जान बचाई। उसी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इस हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और बचाव दल सक्रिय हुए।
बचाव अभियान के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह सबसे पहले विवेक निषाद का शव घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर बरामद किया गया। एक साथी का शव मिलने के बाद अन्य तीनों की तलाश और तेज कर दी गई। शुक्रवार सुबह तक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की चार टीमें नदी की लहरों के बीच सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं। अंततः घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर शेष तीन किशोरों के शव भी पानी से बाहर निकाल लिए गए। जैसे ही एम्बुलेंस से शवों को बाहर लाया गया, वहां मौजूद परिजनों का धैर्य टूट गया। अपने लाडलों को बेजान हालत में देख माताओं के विलाप ने वहां खड़े हर शख्स की आंखों को नम कर दिया। पूरा रानीडीहा और मालवीय नगर क्षेत्र इस वक्त मातम में डूबा हुआ है।
खोराबार थाना प्रभारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों शवों को बरामद करने के बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद साइकिलों और मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया है। प्राथमिक जांच में यह मामला नहाने के दौरान अचानक गहरे पानी में चले जाने और डूबने का लग रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदियों के किनारे सुरक्षा उपायों और किशोरों की लापरवाही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।
