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ग्रेटर बनारस: रिंग रोड पर 60 किमी में बसेंगी छह नई सिटी, 1272 एकड़ में होगा आधुनिक काशी का विस्तार

ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर काशी का शहरी विस्तार, अस्पताल, स्कूल, मॉल और होटल से बदलेगी रिंग रोड की तस्वीर

ग्रेटर बनारस: रिंग रोड पर 60 किमी में बसेंगी छह नई सिटी, 1272 एकड़ में होगा आधुनिक काशी का विस्तार
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विश्व की प्राचीनतम नगरी और आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी को एक नए शहरी स्वरूप में ढालने की तैयारी शुरू हो चुकी है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर अब “ग्रेटर बनारस” विकसित किया जाएगा, जो 60 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के दायरे में आकार लेगा। इस योजना के तहत रिंग रोड के दोनों ओर 200-200 मीटर की सीमा में आधुनिक शहरी ढांचा खड़ा किया जाएगा, जहां अस्पताल, मॉल, होटल, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी।

भूमि और बजट का खाका

इस परियोजना के लिए कुल 1272 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। जमीन अधिग्रहण पर लगभग 6812.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत ग्रेटर बनारस के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है।

रिंग रोड के आसपास आधुनिक शहरी ढांचा

योजना के अनुसार रिंग रोड के आसपास होटल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, आईटी इंडस्ट्री, ग्रीन एरिया, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, खेल मैदान और मॉल जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह पूरा इलाका सेक्टोरल डेवलपमेंट और एकीकृत टाउनशिप मॉडल पर आधारित होगा। इसके तहत रिंग रोड के किनारे छह नई सिटी बसाई जाएंगी।

लालपुर के पास मेडिसिटी

लालपुर के निकट ऐड़े क्षेत्र में 200 एकड़ में मेडिसिटी विकसित की जाएगी। यहां मेडिकल कॉलेज, बड़े अस्पताल और स्वास्थ्य से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके लिए 1619.43 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

सारनाथ के पास वैदिक सिटी

सारनाथ के पास संदहा क्षेत्र में 204 एकड़ में वैदिक सिटी बसाई जाएगी। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों को एक समर्पित शहरी ढांचे में विकसित करना है। इस पर 1090.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मढ़नी में विद्या निकेतन सिटी

मढ़नी के निकट रिंग रोड-3 क्षेत्र में 207 एकड़ भूमि पर विद्या निकेतन सिटी का निर्माण होगा। इसे शैक्षिक संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 496.80 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

गंजारी में स्पोर्ट्स सिटी

गंजारी में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के समीप 208 एकड़ में स्पोर्ट्स सिटी विकसित होगी। खेल प्रशिक्षण, स्टेडियम और संबंधित अवसंरचना के लिए इस सिटी को तैयार किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण पर 998.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

खेयसीपुर में वरुणा विहार सिटी

खेयसीपुर में रिंग रोड-2 के पास 208 एकड़ में वरुणा विहार सिटी बसाई जाएगी। यह मुख्य रूप से आवासीय और हरित क्षेत्र आधारित शहरी ढांचे पर केंद्रित होगी। इसके लिए 981.38 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है।

हरहुआ के पास वर्ल्ड सिटी

हरहुआ चौराहे के पास कोइराजपुर में 245 एकड़ भूमि पर वर्ल्ड सिटी विकसित की जाएगी। यह परियोजना सबसे बड़ी होगी, जिस पर 1626.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, होटल, मॉल और व्यावसायिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

परियोजना की जिम्मेदारी और क्रियान्वयन

इस पूरी परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी बनारस विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को दी गई है। शासन स्तर से टाउनशिप विकास की जिम्मेदारी सौंप दी गई है और संयुक्त सर्वे के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

बनारस विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार मढ़नी और गंजारी क्षेत्रों में टाउनशिप बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रिंग रोड के किनारे बसने वाली ये नई सिटियां आसपास के गांवों के विकास को भी गति देंगी।

शहर के संतुलित विकास की दिशा में कदम

यह परियोजना बनारस के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और पुराने शहर का दबाव कम होकर सुनियोजित ढंग से नए क्षेत्रों में संतुलित होगा।

आधुनिक शहरी पहचान की ओर काशी

ग्रेटर बनारस की परिकल्पना यह संकेत देती है कि काशी का भविष्य केवल धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह आधुनिक शहरी विकास के एक संगठित और संतुलित मॉडल के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगी।

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