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गुरुग्राम में डिलीवरी का नया युग: ड्रोन और एआई रोबोट्स से घर-घर पहुंचेगा सामान, सेक्टर 102 से हुई शुरुआत

गुरुग्राम के सेक्टर 102 में देश का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक फिजिकल एआई डिलीवरी नेटवर्क शुरू, अब इंसानों की नहीं होगी जरूरत।

गुरुग्राम में डिलीवरी का नया युग: ड्रोन और एआई रोबोट्स से घर-घर पहुंचेगा सामान, सेक्टर 102 से हुई शुरुआत
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डिलीवरी सिस्टम के भविष्य की झलक अब हरियाणा के गुरूग्राम में साफ दिखाई देने लगी है। शहर के सेक्टर 102 से एक ऐसी पहल की शुरुआत हुई है, जो पारंपरिक डिलीवरी मॉडल को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। यहां अब सामान पहुंचाने के लिए न तो डिलीवरी बॉय की जरूरत होगी और न ही मानवीय हस्तक्षेप की। सोमवार से देश का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक ‘फिजिकल एआई’ डिलीवरी नेटवर्क सक्रिय कर दिया गया है, जिसमें ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित रोबोट मिलकर काम करेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत लोग खाना, किराना और रोजमर्रा का छोटा सामान सीधे अपने घर के दरवाजे तक मंगा सकेंगे।


इस अत्याधुनिक सिस्टम की शुरुआत गुरुग्राम स्थित ड्रोन डिलीवरी कंपनी Skye Air ने की है। कंपनी के अनुसार यह नेटवर्क हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बाद जमीन पर उतारा गया, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां ड्रोन और रोबोट मिलकर पूरी डिलीवरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। यह कदम न केवल तकनीकी नवाचार की दिशा में बड़ा माना जा रहा है, बल्कि शहरी लॉजिस्टिक्स के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।


पूरी डिलीवरी व्यवस्था चार अहम हिस्सों पर आधारित है। सबसे पहले स्काई पोर्ट होता है, जो ड्रोन के लिए लॉन्चिंग स्टेशन की तरह काम करता है। यहीं से ड्रोन उड़ान भरते हैं और तय पते की ओर रवाना होते हैं। इसके बाद स्काई शिप यानी ड्रोन, हवा के रास्ते सामान को निर्धारित इलाके तक पहुंचाते हैं। तीसरा चरण अराइव पॉइंट का होता है, जो एक स्मार्ट और सुरक्षित बॉक्स की तरह डिजाइन किया गया है। यह तिजोरीनुमा बॉक्स सामान को सुरक्षित तरीके से अपने भीतर ग्रहण करता है और केवल अधिकृत सिस्टम के जरिए ही खुलता है।


डिलीवरी की अंतिम कड़ी ऑटोबॉट्स हैं। ये छोटे लेकिन स्मार्ट रोबोट होते हैं, जो अराइव पॉइंट से सामान निकालकर सीधे ग्राहक के घर के दरवाजे तक पहुंचाते हैं। खास बात यह है कि ये रोबोट घर के बाहर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी हिस्सों में भी आसानी से चलने में सक्षम हैं। इस तरह पूरा डिलीवरी प्रोसेस बिना किसी मानवीय मदद के एआई और रोबोटिक्स के सहारे स्वतः संचालित होता है, जिससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित और कुशल भी बनाया जा सकता है।

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