महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्षदों को अगवा करने की कोशिश: नकाबपोशों ने बस रोकी, एक आरोपी गिरफ्तार
चंद्रपुर से नागपुर जा रहे नवनिर्वाचित पार्षदों पर हमला, समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास मचा हड़कंप

महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कथित कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया। यह घटना चंद्रपुर जिले से जुड़ी बताई जा रही है, जहां हाल ही में नगर निगम चुनाव जीत चुके कांग्रेस पार्षद नागपुर की ओर रवाना हुए थे। रास्ते में वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास उनकी बस को निशाना बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नकाबपोश लोगों के एक समूह ने अचानक बस को रोककर भीतर घुसने और पार्षदों को जबरन नीचे उतारने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर येलकेली टोल प्लाजा के पास हुई। करीब 20 अज्ञात लोग 4 से 6 गाड़ियों में सवार होकर वहां पहुंचे थे। सभी के चेहरे ढके हुए थे और उन्होंने बस को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद वे कांग्रेस पार्षदों को डराने-धमकाने लगे और उन्हें जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। अचानक हुई इस वारदात से बस में सवार पार्षदों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
बस में मौजूद कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि स्थिति उस समय और गंभीर हो गई थी, जब आरोपियों ने बस का दरवाजा खुलवाने का दबाव बनाया। इसी दौरान पार्टी के कुछ स्थानीय समर्थकों को घटना की जानकारी मिल गई और वे तुरंत मौके पर पहुंच गए। समर्थकों के पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। शोर-शराबा बढ़ने पर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए।
सूचना मिलते ही सावंगी पुलिस स्टेशन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को काबू में लिया। पुलिस की मौजूदगी के चलते आरोपी वहां से भागने लगे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक युवक को पकड़ लिया। उसकी पहचान कनैन सिद्दीकी के रूप में हुई है, जो नागपुर का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बस में सवार 17 से 18 पार्षद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के समर्थक माने जाते हैं। ये सभी नवनिर्वाचित पार्षद थे, जिन्हें नगर निगम चुनाव में जीत के बाद नागपुर स्थित डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में औपचारिक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी थी। इसी सिलसिले में वे चंद्रपुर से नागपुर जा रहे थे।
इस घटना के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
