नोएडा और अहमदाबाद के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर प्रशासन
ई-मेल के जरिए मिली धमकियों से मचा हड़कंप, स्कूल परिसरों में सघन तलाशी अभियान जारी

देश के अलग-अलग हिस्सों में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों से हड़कंप मच गया है। दिल्ली से सटे नोएडा और गुजरात के अहमदाबाद शहर के कई स्कूलों को ई-मेल के माध्यम से धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। जैसे ही यह जानकारी प्रशासन तक पहुंची, तत्काल हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभालते हुए संभावित खतरे को टालने के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू कर दिया है।
नोएडा में कुछ प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल प्राप्त होने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वाड, फायर ब्रिगेड और विशेषज्ञ तकनीकी टीमें स्कूल परिसरों में भेजी गईं। सुरक्षा बलों द्वारा हर कक्षा, कार्यालय, परिसर और आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की समय रहते पहचान की जा सके।
नोएडा सेक्टर-62 स्थित फादर एंगल स्कूल में बम होने की सूचना के बाद विशेष सतर्कता बरती गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कूल को पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर को खाली कराया गया और सघन जांच प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
इसी तरह गुजरात के अहमदाबाद शहर के भी कई स्कूलों को इसी प्रकार की धमकी भरे ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई है। वहां भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है। स्कूलों के भीतर और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है, हालांकि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
धमकी देने वाले ई-मेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की टीमें भी पूरी तरह सक्रिय कर दी गई हैं। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल के सर्वर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजे गए। जांच एजेंसियां यह भी जानने का प्रयास कर रही हैं कि यह कोई संगठित साजिश है, शरारती तत्वों की हरकत है या फिर महज डर फैलाने की कोशिश।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी स्कूल से विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। जिन इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, वहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर विश्वास न करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सभी एजेंसियां सतर्क रहेंगी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
