नोएडा ESIC अस्पताल की पांचवीं मंजिल से हुआ खौफनाक अंत: क्या सिस्टम की चूक ने ली एक मरीज की जान?
इलाज की उम्मीदों के बीच अचानक मची चीख-पुकार, अस्पताल के सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

नोएडा के सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी (ESIC) अस्पताल परिसर में देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां उपचाराधीन एक व्यक्ति की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल की पांचवीं मंजिल से नीचे गिरने के इस वाकये ने न केवल वहां मौजूद स्टाफ और मरीजों को दहला दिया है, बल्कि चिकित्सा संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी एक नई बहस छेड़ दी है। यह घटना सामान्य दुर्घटना है या किसी गहरे मानसिक दबाव का परिणाम, इसे लेकर पुलिस और अस्पताल प्रशासन के बीच अब गहन जांच का दौर शुरू हो गया है। शुरुआती तौर पर यह मामला जितना सीधा नजर आ रहा है, परिजनों के आरोपों ने इसमें अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्टाफ की मौजूदगी को लेकर कई कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की शिनाख्त भंगेल निवासी 47 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से मुंह के कैंसर जैसी गंभीर व्याधि से जूझ रहे थे। जानकारी के मुताबिक, मुकेश को इसी महीने 9 मार्च को अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां उनकी पत्नी लगातार उनकी तीमारदारी में जुटी हुई थीं। बताया जा रहा है कि जब उनकी पत्नी कुछ देर के लिए वार्ड से बाहर गई थीं, तभी मुकेश ने सीढ़ियों के पास स्थित एक खिड़की का सहारा लेकर नीचे छलांग लगा दी। जमीन से टकराते ही मुकेश ने दम तोड़ दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि कैंसर की लाइलाज बीमारी के कारण मुकेश लंबे समय से गहरे मानसिक तनाव और अवसाद के दौर से गुजर रहे थे, जिसने संभवतः उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे मुकेश के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि जिस वक्त यह हृदयविदारक घटना हुई, उस समय वार्ड या आसपास के गलियारों में न तो कोई नर्सिंग स्टाफ मौजूद था और न ही किसी सुरक्षाकर्मी की वहां तैनाती थी। उनका तर्क है कि यदि अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का पालन किया होता और खिड़कियों पर पर्याप्त अवरोधक होते, तो मुकेश को ऐसा कदम उठाने का अवसर ही नहीं मिलता। इस बीच, थाना सेक्टर-24 पुलिस ने पीआरवी से मिली सूचना के आधार पर घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और प्रशासनिक चूक के दावों की भी बारीकी से तफ्तीश की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
