नोएडा की एक हाई-राइज सोसाइटी की 28वीं मंजिल से गिरी 21 वर्षीय युवती, क्या यह महज एक हादसा था या छिपा है कोई गहरा राज?
रविवार की सुबह एक रिहायशी परिसर में मची चीख-पुकार, आसमान छूती ऊंचाइयों से नीचे गिरने के बाद सवालों के घेरे में आई पूरी घटना।

देश की राजधानी से सटे हाई-टेक शहर नोएडा में एक बार फिर ऊंची इमारतों से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक और संदेहास्पद घटना ने सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा छेड़ दी है। सेक्टर-32 स्थित एक प्रतिष्ठित सोसाइटी के परिसर में रविवार का दिन किसी सामान्य छुट्टी की तरह शुरू हुआ था, लेकिन दोपहर होते-होते वहां का नजारा पूरी तरह बदल गया। एक 21 वर्षीय युवती की मौत ने न केवल वहां रह रहे परिवारों को दहशत में डाल दिया, बल्कि पुलिस प्रशासन के सामने भी जांच की एक लंबी लकीर खींच दी है। आसमान छूती 28वीं मंजिल से गिरने की यह घटना जिस तरह से घटित हुई, उसने आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों को सन्न कर दिया है। यह मामला केवल एक आकस्मिक मृत्यु का नहीं लग रहा, बल्कि इसके पीछे छिपे कारणों को लेकर अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसकी तह तक जाने के लिए फॉरेंसिक और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं।
पूरी घटना का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मृतका सेक्टर-32 की अमौर (Amara) सोसाइटी के डी-ब्लॉक में निवास करती थी। उसकी पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के मंडरवा गांव की निवासी के रूप में हुई है, जो यहां अपनी शिक्षा या करियर के सिलसिले में रह रही थी। सूचना मिलते ही सेक्टर-24 थाने की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने घेरे में ले लिया। जांच के शुरुआती दौर में यह पता चला है कि युवती ने कथित तौर पर सोसाइटी की 28वीं मंजिल से छलांग लगाई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद साक्ष्यों को संकलित किया है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मौत के वास्तविक समय और कारणों का वैज्ञानिक आधार पर पता लगाया जा सके।
सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब घटना की जानकारी पाकर मृतका के पिता भी मौके पर पहुंच गए। अपनों के सामने अपनी जवान बेटी का बेजान शरीर देखकर वहां मौजूद हर आंख नम थी। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए हैं और इस बात की बारीकी से जांच की जा रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों से युवती किसी मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद का सामना कर रही थी। हालांकि, अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिसके चलते यह मामला और भी उलझ गया है। पुलिस अब युवती के मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरने से ठीक पहले वह किसके संपर्क में थी या वहां उस वक्त कोई और भी मौजूद था।
इस घटना ने हाई-राइज सोसाइटियों में रहने वाले युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस दिशा में भी कदम उठा रही है कि क्या बालकनी या छतों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। फिलहाल, नोएडा पुलिस इसे आत्महत्या के नजरिए से देखते हुए आगे बढ़ रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे रहस्य से पर्दा उठ पाएगा। बस्ती से लेकर नोएडा तक फैले इस मामले ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है और पूरी सोसाइटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस का कहना है कि वे हर मुमकिन पहलू की जांच कर रहे हैं ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
