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आज से शुरू हुआ फाल्गुन मास 2026, शिव-शक्ति और श्रीकृष्ण उपासना का पावन काल

महाशिवरात्रि और होली जैसे महापर्वों से जुड़ा फाल्गुन मास 3 मार्च तक रहेगा प्रभावी

आज से शुरू हुआ फाल्गुन मास 2026, शिव-शक्ति और श्रीकृष्ण उपासना का पावन काल
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सनातन परंपरा में फाल्गुन मास को अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना गया है। इसी पावन मास में भगवान शिव की आराधना से जुड़ा महाशिवरात्रि का महान पर्व आता है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और होली जैसे उल्लासपूर्ण उत्सव भी इसी काल में मनाए जाते हैं। पंचांग के अनुसार आज, सोमवार 2 फरवरी 2026 से फाल्गुन मास का शुभारंभ हो गया है, जिसे धर्म, भक्ति और आनंद का संगम माना जाता है।

हिंदू मान्यता के अनुसार फाल्गुन मास की शुरुआत माघ पूर्णिमा के अगले दिन से होती है। यह वही महीना है, जिसके समापन के साथ ही हिंदू नववर्ष की ओर धार्मिक यात्रा आगे बढ़ती है। इस वर्ष फाल्गुन मास 2 फरवरी 2026 से आरंभ होकर 3 मार्च 2026 तक रहेगा। इस दौरान शिव उपासना, व्रत, जप-तप और श्रीकृष्ण भक्ति को विशेष फलदायी माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस महीने में की गई पूजा-अर्चना से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

फाल्गुन मास के साथ ही होली से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराएं भी प्रारंभ हो जाती हैं। पंचांग के मुताबिक, होली से आठ दिन पहले लगने वाला होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होगा। इस अवधि में शुभ कार्यों पर विराम माना जाता है और साधना व संयम को प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद फाल्गुन पूर्णिमा के दिन, यानी 3 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो फाल्गुन मास शिव-भक्ति और कृष्ण-भक्ति दोनों का संगम है। जहां एक ओर महादेव की आराधना से मोक्ष की कामना की जाती है, वहीं दूसरी ओर श्रीकृष्ण के रंगों में रंगी होली जीवन में आनंद और उत्साह का संचार करती है। इसी कारण फाल्गुन मास को सनातन परंपरा में विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

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