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पूर्णिया में दिनदहाड़े बड़े व्यवसायी सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या, 25 हथियारबंद बदमाशों ने बरसाईं गोलियां

नेवा लाल चौक पर सरेआम फायरिंग से दहला शहर, पुरानी रंजिश में वारदात की आशंका

पूर्णिया में दिनदहाड़े बड़े व्यवसायी सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या, 25 हथियारबंद बदमाशों ने बरसाईं गोलियां
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बिहार के पूर्णिया जिले में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया। शहर के बड़े व्यवसायी और मक्का गोदाम मालिक सूरज बिहारी की अज्ञात बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात मरंगा थाना क्षेत्र के नेवा लाल चौक के पास उस समय हुई, जब सूरज बिहारी अपनी गाड़ी से उतर रहे थे। अचानक हुए इस हमले में बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार, 27 जनवरी 2026 की सुबह सूरज बिहारी अपने निजी वाहन से नेवा लाल चौक पार्क पहुंचे थे। जैसे ही वे ब्लैक स्कॉर्पियो से नीचे उतरे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हमलावरों की संख्या करीब 20 से 25 बताई जा रही है। फायरिंग के दौरान तीन गोलियां सूरज बिहारी को लगीं—एक गोली पीठ में, दूसरी कमर के ऊपर और तीसरी उनके हाथ में लगी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के खुश्किबाग चौहान टोला निवासी जवाहर यादव के पुत्र सूरज बिहारी के रूप में हुई है। वे पूर्णिया शहर के सबसे बड़े मक्का गोदाम के मालिकों में गिने जाते थे और स्थानीय व्यापारिक जगत में उनका खास प्रभाव था। हत्या की खबर मिलते ही पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों और निजी सुरक्षा गार्ड प्रेम कुमार के अनुसार, इस हत्या की पृष्ठभूमि सरस्वती पूजा के दिन हुए विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। उस दिन इंस्टाग्राम रील बनाने को लेकर सूरज बिहारी के छोटे भाई उदय यादव और उनके कुछ दोस्तों के साथ स्थानीय निवासी ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के बीच कहासुनी हुई थी। हालांकि उस समय मामला शांत करा दिया गया था, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई।

मंगलवार सुबह फिर से विवाद भड़क गया, जब ब्रजेश और नंदू ने उदय यादव के एक ब्लॉगर मित्र को नेवा लाल चौक के पास घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलने पर उदय वहां पहुंचे तो उन्हें भी बंधक बनाकर पीटा गया। किसी तरह उदय ने अपने बड़े भाई सूरज बिहारी को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही सूरज बिहारी अपने निजी गार्ड प्रेम कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि जैसे ही वे वाहन से उतरे, नंदू और ब्रजेश सिंह अपने दर्जनों साथियों के साथ पहले से मौजूद थे और उन्होंने बिना कुछ कहे फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में सूरज बिहारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने आए प्राइवेट गार्ड और फुफेरे भाई पर भी दो राउंड फायर किए गए। दोनों किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले।

घटना की जानकारी मिलते ही मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार और सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की और बाद में अस्पताल पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार हत्या के मुख्य आरोपी नेवा लाल चौक निवासी दो सगे भाई ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह हैं, जो घटना के बाद से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

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