राजस्थान बीजेपी को बड़ा झटका: पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का निधन, अलवर में शोक की लहर
कैंसर और ब्रेन हैमरेज से लंबी लड़ाई के बाद 59 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

राजस्थान की राजनीति से सोमवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई, जब अलवर जिले के वरिष्ठ बीजेपी नेता, दो बार विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का उनके निवास पर निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। सोमवार सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में समर्थक व कार्यकर्ता उनके आवास की ओर जुटने लगे।
परिजनों के अनुसार, हेमसिंह भड़ाना लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें कैंसर था और कुछ समय पहले ब्रेन हैमरेज भी हुआ था, जिसके बाद उनकी हालत और नाजुक हो गई थी। इलाज के लिए उन्हें गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रखा गया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें वापस घर लाया गया था। सोमवार सुबह उनके आवास पर ही उनका निधन हो गया।
हेमसिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव किशनगढ़ बास क्षेत्र के बघेरी गांव में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और आम लोग पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने अंतिम संस्कार के मद्देनज़र आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।
पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना का जन्म 7 फरवरी 1966 को शिवनारायण भड़ाना के परिवार में हुआ था। वे मूल रूप से भगेरी कला गांव के निवासी थे, जो किशनगढ़ बास विधानसभा क्षेत्र में आता है और वर्तमान में खैरतल-तिजारा जिले का हिस्सा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई और संगठन के भीतर एक प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान बनाई।
उनका राजनीतिक सफर सक्रिय, संघर्षशील और प्रभावी रहा। वे दो बार विधायक निर्वाचित हुए और कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके निधन को न केवल बीजेपी बल्कि राजस्थान की राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
