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रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा में क्रैश, 7 की मौत; मौसम के चलते रूट बदला था

मौसम खराब होने पर रूट बदलने की अनुमति मांगी, कोलकाता ATC से संपर्क टूटते ही रडार से गायब हुआ विमान

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा में क्रैश, 7 की मौत; मौसम के चलते रूट बदला था
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रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सोमवार, 23 फरवरी 2026 की रात झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक गंभीर रूप से झुलसा हुआ मरीज, दो पायलट, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिकल स्टाफ और दो अटेंडेंट शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के दौरान खराब मौसम के कारण विमान ने अपना निर्धारित मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसके कुछ ही मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क पूरी तरह टूट गया।


अधिकारियों ने बताया कि विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7 बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान जब विमान झारखंड के ऊपर था, तभी मौसम की स्थिति बिगड़ने लगी। पायलटों ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर रूट डेविएशन की अनुमति मांगी। शाम करीब 7 बजकर 34 मिनट पर कोलकाता एटीसी से आखिरी बार संपर्क हुआ, जिसके बाद विमान का रडार कॉन्टैक्ट टूट गया। यह अंतिम लोकेशन वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में बताई जा रही है।


दुर्घटनाग्रस्त विमान बीचक्राफ्ट C90 श्रेणी का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV था। इसे दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। दुर्गम इलाके और रात का समय होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में शुरुआती तौर पर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


मृतकों की पहचान 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार के रूप में हुई है, जो करीब 63 प्रतिशत तक जलने की चोटों के कारण इलाज के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे थे। उनके साथ तैनात मेडिकल टीम में डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। इसके अलावा अटेंडेंट अर्चना देवी और धुरु कुमार भी विमान में सवार थे। विमान का संचालन कर रहे पायलट विवेक विकास भगत और सवरजदीप सिंह की भी इस हादसे में जान चली गई।


प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है और नागरिक उड्डयन से जुड़ी एजेंसियों द्वारा हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती संकेतों में खराब मौसम को दुर्घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। इस हादसे ने एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा उड़ानों की सुरक्षा और मौसम प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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