खाड़ी संकट के बीच SpiceJet का रेस्क्यू मिशन, UAE से 8 विशेष उड़ानें; कुवैत में 300 भारतीय फंसे
पश्चिम एशिया संकट के बीच UAE से 8 स्पेशल फ्लाइट चलाएगी SpiceJet, कुवैत में फंसे 300 भारतीयों ने मांगी तत्काल मदद

खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात के बीच फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर निजी विमानन कंपनी SpiceJet ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 4 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से आठ विशेष उड़ानों का संचालन करेगी। पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के चलते कई देशों का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा है। खासतौर पर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय हवाई यातायात को प्रभावित किया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न देशों में फंस गए हैं। ऐसे में इन विशेष उड़ानों को राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जो भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इसी बीच कुवैत में लगभग 300 भारतीय नागरिकों के फंसे होने की सूचना सामने आई है। ये सभी लोग फिलहाल कुवैत सिटी स्थित Crowne Plaza Kuwait Al Thuraya City होटल में ठहरे हुए हैं। यात्रियों के अनुसार, उनकी स्थिति दिन-ब-दिन चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। भोजन, ठहराव और आगे की यात्रा को लेकर अनिश्चितता ने चिंता बढ़ा दी है। फंसे हुए भारतीय नागरिक कल्पेश संजय राठी ने बताया कि उन्हें स्थानीय स्तर पर पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, इन 300 लोगों में अधिकांश यात्री महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं। ये लोग रोजगार, व्यवसाय या ट्रांजिट यात्रा के सिलसिले में कुवैत पहुंचे थे, लेकिन अचानक उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव के कारण उनकी वापसी की योजनाएं ठप पड़ गईं। यात्रियों ने भारत सरकार और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि उन्हें सुरक्षित स्वदेश लौटाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए और अस्थायी ठहराव के दौरान आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर आने वाले दिनों में और व्यापक हो सकता है। ऐसे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समन्वित और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। केंद्र सरकार की ओर से हालात पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, सभी की निगाहें 4 मार्च को संचालित होने वाली विशेष उड़ानों पर टिकी हैं, जिनसे बड़ी संख्या में भारतीयों की घर वापसी संभव हो सकेगी।
