राज्य में शुरू होगी हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, ग्रामीण इलाकों के मरीजों को मिलेगी त्वरित राहत
दूरस्थ क्षेत्रों में आपात स्वास्थ्य सेवा को मिलेगा नया बल, मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

राज्य सरकार अब आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और तेज व प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाने जा रही है। एयर एंबुलेंस की तर्ज पर राज्य में जल्द ही हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) शुरू की जाएगी। फिलहाल सरकारी एयर एंबुलेंस की सुविधा केवल रांची से संचालित होती है, लेकिन राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को रांची तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता है, जिससे कई बार उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर आधारित इमरजेंसी मेडिकल सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत हेलीकॉप्टर सीधे मरीज के नजदीकी सुरक्षित स्थान पर उतर सकेगा और बिना किसी देरी के मरीज को चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया जाएगा। इससे सड़क मार्ग से मरीज को पहले एयरपोर्ट तक लाने की मजबूरी खत्म होगी और कीमती समय की बचत हो सकेगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है। नागर विमानन प्रभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव पहले से तैयार था, लेकिन हाल ही में हुई एयर एंबुलेंस से जुड़ी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का फैसला किया है।
राज्य के कई ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में आज भी गंभीर मरीजों को पहले एंबुलेंस के जरिए लंबी दूरी तय कर नजदीकी एयरपोर्ट तक लाया जाता है। इस प्रक्रिया में न केवल समय नष्ट होता है, बल्कि मरीज की हालत और बिगड़ने की आशंका भी बनी रहती है। नई हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सेवा इस चुनौती का समाधान पेश करेगी, क्योंकि हेलीकॉप्टर सीधे घटनास्थल या नजदीकी खुले और सुरक्षित इलाके में उतरकर मरीज को तुरंत उठाने में सक्षम होगा।
सरकार का मानना है कि यह सेवा शुरू होने के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा सुधार होगा और खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी, बल्कि राज्य की आपदा और आपात स्वास्थ्य प्रतिक्रिया प्रणाली भी अधिक मजबूत होगी।
