सुल्तानपुर में मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष, दो सगे भाइयों को मारी गोली; एक की मौत, दूसरा गंभीर
सुल्तानपुर में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब आरोपियों ने एक ही परिवार के दो सगे भाइयों को गोली मार दी, जिसमें एक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल है।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक छोटे से विवाद ने देखते ही देखते खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। देहात कोतवाली क्षेत्र के जनऊपुर गांव में हुई इस घटना में आरोपियों ने एक ही परिवार के दो सगे भाइयों पर गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जनऊपुर गांव निवासी वीरेंद्र प्रताप सोनकर होमगार्ड के पद पर कार्यरत हैं। शुक्रवार सुबह उनके बेटे मोहित सोनकर का गांव के ही रमेश सोनकर के बेटे के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। हालांकि उस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए मामला शांत करा दिया गया था और किसी तरह की बड़ी अनहोनी नहीं हुई। लेकिन शाम होते-होते यह मामूली झगड़ा गंभीर टकराव में बदल गया।
परिजनों के अनुसार देर शाम रमेश सोनकर अपने बेटे और परिवार की कुछ महिलाओं के साथ लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर वीरेंद्र सोनकर के घर पहुंच गया और दोबारा विवाद शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख वीरेंद्र की पत्नी शारदा सोनकर ने अपने बेटों को घर के अंदर कर दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, ताकि टकराव को टाला जा सके। इसी बीच विवाद शांत कराने के लिए मंगल की पत्नी बाहर आई, लेकिन आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
महिला के साथ मारपीट की खबर मिलते ही घर के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। तभी पहले से तैयार होकर आए रमेश सोनकर के बेटे भोलू और उसके साथियों ने वीरेंद्र सोनकर के परिवार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में वीरेंद्र के दोनों बेटे मोहित सोनकर और मंगल सोनकर को गोली लग गई। इसके अलावा वीरेंद्र सोनकर, उनकी पत्नी शारदा सोनकर समेत तीन अन्य लोग भी घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रमेश का बेटा भोलू इलाके में गांजा बेचने का काम करता है और गांव में दबंगई करता रहता है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मोहित सोनकर ने दम तोड़ दिया, जबकि मंगल सोनकर की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चारु निगम भी अस्पताल पहुंचीं और घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
