वाराणसी और अयोध्या से दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ी खबर: क्या रेलवे के इस नए प्लान से खत्म होगी वेटिंग की टेंशन?
भीषण गर्मी और छुट्टियों की भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, तीन रूटों पर सफर होगा अब और भी आसान।

बढ़ते पारे और स्कूल-कॉलेजों में होने वाली छुट्टियों के कारण उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का हुजूम उमड़ने लगा है। इस भारी भीड़ और ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए उत्तर रेलवे ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो सीधे तौर पर वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ से दिल्ली की ओर रुख करने वाले मुसाफिरों को बड़ी राहत दे सकता है। अक्सर देखा जाता है कि अप्रैल से जुलाई के बीच नियमित ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं मिलती, जिसके कारण आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए विभाग ने तीन विशेष रूटों पर 'समर स्पेशल' ट्रेनों के संचालन की तैयारी पूरी कर ली है।
वाराणसी से देश की राजधानी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 04209 एक अहम विकल्प बनकर उभरी है। यह ट्रेन 15 से 20 अप्रैल के बीच अपनी शुरुआती सेवाएं देने के बाद, 27 अप्रैल से 15 जुलाई तक नियमित रूप से पटरी पर दौड़ेगी। सप्ताह के तीन महत्वपूर्ण दिनों—सोमवार, बुधवार और शुक्रवार—को निर्धारित यह ट्रेन रात 10:15 बजे वाराणसी से रवाना होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस समय सारणी से उन कामकाजी लोगों और तीर्थयात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो रात का सफर तय कर सुबह दिल्ली पहुंचना चाहते हैं। वाराणसी जैसे व्यस्त जंक्शन पर बढ़ते दबाव को कम करने में यह सेवा मील का पत्थर साबित हो सकती है।
वहीं, रामनगरी अयोध्या से दिल्ली (आनंद विहार) के बीच का सफर भी अब और सुगम होने जा रहा है। 16 अप्रैल से शुरू हो रही ट्रेन संख्या 04213, अयोध्या कैंट से शाम 6:20 बजे प्रस्थान करेगी और लखनऊ होते हुए अगले दिन सुबह 6:00 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। रविवार और गुरुवार को चलने वाली यह ट्रेन विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जो वीकेंड के आसपास यात्रा की योजना बनाते हैं। इसके अलावा, राजधानी लखनऊ के यात्रियों के लिए भी 20 अप्रैल से 13 जुलाई तक हर सोमवार को एक विशेष साप्ताहिक ट्रेन (04203) चलाई जाएगी, जो सुबह 8:05 बजे चलकर शाम 6:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। यात्रियों का कहना है कि इन ट्रेनों के चलने से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि दलालों के चंगुल से भी राहत मिलेगी जो टिकटों की किल्लत का फायदा उठाते हैं।
