सूरजकुंड मेले में झूला हादसा, लोगों को बचाते इंस्पेक्टर हुए शहीद
सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से कई लोग घायल हुए और लोगों को बचाने की कोशिश में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए। मामले की जांच जारी है।

सूरजकुंड मेले में दो हादसों से पसरा मातम
विश्वप्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में शनिवार को हुए दो अलग-अलग हादसों ने माहौल को शोक में बदल दिया। एम्यूजमेंट पार्क क्षेत्र में झूला टूटने की घटना में लोगों को बचाने पहुंचे पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। इससे पहले दोपहर में मेले का दूसरा प्रवेश द्वार गिरने से एक बच्चा और एक अधेड़ भी घायल हुए थे।
लोगों को बचाने की कोशिश में गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूले के पास ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने जैसे ही झूला असंतुलित होते देखा, वहां मौजूद लोगों को हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान झूला अचानक दूसरी दिशा में झुक गया और उनकी गर्दन झूले तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंस गई। गंभीर रूप से घायल इंस्पेक्टर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घायलों का अस्पताल में इलाज
इस हादसे में एक अन्य पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हुए, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका उपचार जारी है।
प्रशासन और फोरेंसिक टीम की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा मेला परिसर पहुंचे। उन्होंने कहा कि झूला टूटने से कई लोग घायल हुए हैं और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। झूला टूटने का वीडियो भी सामने आया है, जिससे जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
चश्मदीदों ने बताई अफरातफरी
मौके पर मौजूद एक फूड स्टॉल संचालक के अनुसार शनिवार शाम झूले के आसपास भारी भीड़ थी। अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया, जिसके बाद वहां चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत घायलों की मदद के लिए आगे आए।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का परिचय
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद हाल ही में पुलिस लाइन में तैनात किए गए थे और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे। वे पहले सोनीपत में तैनात थे और कुछ दिन पूर्व ही उनका तबादला हुआ था।
हादसे के बाद रद्द हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
गंभीर हादसे के बाद शाम का मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। सप्ताहांत पर मेले में पहुंचे कई लोग भी घटना के बाद अपने घर लौटने लगे। प्रशासन ने घायलों के उपचार और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

