यूपी में कोडीन कांड पर नई सियासी हलचल, धनंजय सिंह की सीबीआई जांच की मांग

कोडीन कफ सिरप तस्करी की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है और अब पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पोस्ट ने पूरे मामले को नए मोड़ पर ला दिया है

यूपी में कोडीन कांड पर नई सियासी हलचल, धनंजय सिंह की सीबीआई जांच की मांग
X

पूर्व सांसद धनंजय सिंह

फोटो: X account 

यूपी की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल है और वजह कोई मामूली नहीं है, कोडीन कफ सिरप तस्करी की जांच जहां एक तरफ एसटीएफ की जांच में आगे बढ़ती दिखती है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर यह मामला आग की तरह फैल रहा है। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब जौनपुर के पूर्व सांसद और प्रभावशाली माने जाने वाले धनंजय सिंह ने एक्स पर लंबी पोस्ट लिखी।


मामले की दिलचस्पी इस केस के आंकड़ों से भी जुड़ी है। कहा जा रहा है कि कोडीन आधारित कफ सिरप का यह पूरा खेल करीब सौ करोड़ रुपये तक फैला हुआ है। एसटीएफ ने हाल ही में अमित सिंह टाटा को लखनऊ से गिरफ्तार किया है जिसे जांच एजेंसी मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का बेहद करीब मानती है। गिरफ्तारी हुई तो राजनीतिक खींचतान भी शुरू हो गई। और यह भी हुआ कि कुछ लोग कोशिश करने लगे कि इस पूरे मामले की धूल किसी तरह धनंजय सिंह तक पहुंच जाए।


फिर आया वह पोस्ट जिसने हवा का रुख मोड़ दिया। धनंजय सिंह ने लिखा कि कुछ विरोधी तत्व पत्रकारों को भटकाकर उनके नाम को विवाद में घसीट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला वाराणसी से जुड़ा होने की वजह से विपक्ष इसे पीएम मोदी की छवि पर ठीकरा फोड़ने के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।


उन्होंने साफ लिखा है कि मामला राज्य की सीमाओं से बाहर जा रहा है। आरोपों का असर राजनीति में भी दिख रहा है। और इस सबके बीच वह चाहते हैं कि मामले की सीबीआई जांच। शायद यही कारण है कि उन्होंने पीएम और सीएम दोनों को टैग किया और कहा कि इस मामले की व्यापक जाँच सीबीआई से कराई जाये जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके।


इस मामले में का एक और पहलू भी है, शुभम जायसवाल पर आरोप है कि वह कई नेताओं के संपर्क में था। कहा तो यह भी जा रहा है कि उसने मदद पाने के लिए कुछ नेताओं को गाड़ियां तक भेंट की थीं। यह बातें सिर्फ सोशल मीडिया की कानाफूसी भर नहीं हैं, बल्कि शिकायतें पुलिस के पास तक पहुंच चुकी हैं। ऐसे में जब इतने सारे सवाल हवा में तैर रहे हों, स्वाभाविक है कि राजनीति गर्म होगी।


विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है, सोशल मीडिया अपने ढंग से माहौल तैयार कर रहा है और जनता जानना चाहती है कि आखिर यह तस्करी का इतना बड़ा जाल कैसे चला, कौन कौन शामिल था और क्यों।


इन सबके बीच यही बात सबसे ज्यादा चुभती है कि सौ करोड़ रुपये का यह कफ सिरप खेल कितने समय से चल रहा था जिसपर अब जाकर सियासत हो रही है। शायद आने वाले दिनों में जांच बढ़ेगी और कुछ और नाम भी सामने आएंगे। और तब असली तस्वीर साफ होगी कि कहानी में कितना सच है और कितना सियासी हिसाब किताब।

Tags:
Next Story
Share it