WhatsApp म्यूल स्कैम पर सरकार की कड़ी चेतावनी, गलती हुई नहीं कि जेल
घर बैठे कमाई का झांसा देने वाले संदेश WhatsApp यूजर्स को अंतरराष्ट्रीय ठगी के जाल में फंसा रहे हैं। सरकार ने साफ कहा है कि लापरवाही का नतीजा जेल तक पहुंचा सकता है

कभी कभी कोई साधारण सा मैसेज आपकी जिंदगी का पूरा ताना-बाना बिखेर देता है। यही बात इन दिनों WhatsApp यूजर्स पर सच साबित हो रही है। सरकार ने जिस नए खतरे की ओर इशारा किया है वह इतना पेचीदा है कि पहली नजर में किसी को शक भी नहीं होता। घर बैठे कमाई जैसे मीठे झांसे दरअसल एक बड़े साइबर गिरोह की modus operandi का हिस्सा हैं। सवाल यह है कि एक QR कोड स्कैन करना आखिर कैसे आपको जेल तक ले जा सकता है। इसी मुद्दे पर गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी I4C ने एडवाइजरी जारी करके लोगों को आगाह किया है।
स्कैम का खेल वहीं से शुरू होता है जहां इंसान की उम्मीदें और आर्थिक जरूरतें सोच समझ पर पर्दा डाल देती हैं। सोशल मीडिया विज्ञापन आपको खींचते हैं और अचानक एक अनजान नंबर से संदेश आता है कि कुछ मिनट के डिजिटल टास्क से पैसे कमाए जा सकते हैं। स्कैमर्स आपको यकीन दिलाते हैं कि यह सब पूरी तरह वैध है। लेकिन असली मोड़ तब आता है जब वे एक वेबसाइट पर ले जाकर WhatsApp Web जैसा QR कोड दिखाते हैं। आप मान लेते हैं कि यह रजिस्ट्रेशन का हिस्सा है। असल में यह आपकी डिजिटल पहचान का ताला खोलने वाली चाबी होती है, जिसे आप अनजाने में स्कैमर को थमा देते हैं।
जैसे ही QR कोड स्कैन किया जाता है, आपका WhatsApp किसी दूर बैठे स्कैमर के सिस्टम से जुड़ जाता है। यह लिंक आपकी चैट, आपका कॉन्टैक्ट बुक और आपकी पहचान सब कुछ उनके हवाले कर देता है और आपको इसकी भनक तक नहीं लगती। यही वजह है कि इसे WhatsApp Mule Scam कहा जा रहा है। ध्यान रखिए, आपके नंबर से भेजा गया हर संदेश आपके खिलाफ सबूत बन सकता है जबकि अपराध कोई और कर रहा होता है।
I4C के मुताबिक इन म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय ठगी के लिए किया जा रहा है। स्कैमर्स आपके नाम से फिशिंग लिंक भेजते हैं, निवेश का झांसा देते हैं या किसी से पैसे की मांग करते हैं। पीड़ित लोग यह सोचकर भरोसा कर लेते हैं कि संदेश किसी जान पहचान वाले से आया है। जब मामला पुलिस तक पहुंचता है तो जांच सीधे आपके नंबर से शुरू होती है जिससे आप खुद कानूनी चक्रव्यूह में फंस सकते हैं। सोचिए जरा, कुछ मिनट का लालच आपको ऐसी मुश्किल में डाल सकता है जिसकी आप कल्पना भी नहीं करते।
इसका सबसे बड़ा असर छोटे शहरों और नए इंटरनेट यूजर्स पर दिख रहा है। जिनके लिए ऑनलाइन कमाई एक आकर्षक उम्मीद की तरह होती है वही लोग इस जाल में सबसे पहले फंसते हैं। कई मामलों में शिकायत करने वाले डर के मारे सामने भी नहीं आते क्योंकि उन्हें लगता है कि पुलिस उन्हें ही दोषी मानेगी। यह डर असल समस्या को बढ़ावा हो देता है।
बचने का रास्ता आसान है लेकिन नजरअंदाज करना भी उतना ही आसान है। किसी भी अनजान QR कोड को स्कैन न करें। WhatsApp की Linked Devices सेटिंग्स नियमित रूप से चेक करें और टू स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन रखें। याद रखें जेनुइन कंपनियां कभी भी आपका WhatsApp अकाउंट मांगती नहीं हैं। डिजिटल दुनिया में आपकी पहचान आपकी ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस तरह के स्कैम हमें यह सीख देते हैं कि भरोसे की गलती कभी कभी अपराध की छाया में बदल जाती है। अब सवाल यह है कि कितने लोग इस चेतावनी को गंभीरता से लेंगे और कितने लोग अगली बार ऐसे किसी ऑफर पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचेंगे।
