शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात की तैयारी, योगी कैबिनेट में 29 से ज्यादा प्रस्ताव, पांच लाख तक कैशलेस इलाज पर मुहर संभव

प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज यानि गुरुवार को होने वाली प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एक ऐसा प्रस्ताव रखा जाएगा, जो सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा है। इस बैठक में 29 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होनी है, जिनमें सबसे अहम प्रस्ताव पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ा माना जा रहा है।
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तर प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वार्डन, रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को बड़ा लाभ मिलेगा। इलाज के खर्च को लेकर जो चिंता अब तक परिवारों पर भारी पड़ती थी, उससे काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मचारी इस योजना के दायरे में लाए जाएंगे। अनुमान है कि इससे पांच लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
सरकार का मकसद साफ है। जिन लोगों ने वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभालकर रखा है, उनकी सेहत को लेकर कोई समझौता न हो। एक गंभीर बीमारी या दुर्घटना के समय इलाज के खर्च के कारण किसी को कर्ज या आर्थिक संकट में न जाना पड़े। यही सोच इस प्रस्ताव की बुनियाद मानी जा रही है।
कैबिनेट बैठक में सिर्फ शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे ही नहीं होंगे। एजेंडे में कई और अहम फैसले भी शामिल हैं। इनमें बंद पड़े पांच हजार से अधिक ईंट भट्ठों को लेकर नियमों में ढील देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। माना जा रहा है कि इससे रोजगार और निर्माण क्षेत्र को रफ्तार मिल सकती है।
आईटी सेक्टर से जुड़ी विनिर्माण नीति की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इससे निवेशकों को राहत मिलने और प्रदेश में तकनीकी उद्योग को मजबूती मिलने की संभावना है।
नगर विकास विभाग के भी दो अहम प्रस्ताव बैठक में शामिल किए गए हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया जा सकता है। इसके विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा, जिससे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा सके।
कुल मिलाकर यह कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है, लेकिन शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी उम्मीद कैशलेस इलाज वाले प्रस्ताव से जुड़ी है। अगर इस पर मुहर लगती है तो यह योगी सरकार की ओर से शिक्षा जगत के लिए अब तक की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक मानी जाएगी।
