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कमर दर्द से राहत पाने के आसान आयुर्वेदिक नुस्खे और प्राकृतिक उपचार

कमर दर्द से राहत पाने के आसान आयुर्वेदिक नुस्खे और प्राकृतिक उपचार

पीठ का निचला हिस्सा: शरीर का...PS

पीठ का निचला हिस्सा: शरीर का भार उठाने का महत्वपूर्ण हिस्सा, जो हमें चलने, बैठने और झुकने में मदद करता है। जब यह हिस्सा दर्द से ग्रस्त हो जाता है, तो जीवन मुश्किल हो जाता है। कमर दर्द, जिसे पीठ दर्द भी कहा जाता है, आजकल लोगों में एक आम समस्या बन गई है। यह दर्द किसी भी उम्र में हो सकता है, चाहे वह युवा हो या वृद्ध।


कमर दर्द के कारण:


शारीरिक गतिविधि की कमी: लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक व्यायाम न करना, और गलत मुद्रा में बैठना कमर दर्द का मुख्य कारण बन सकता है।


अधिक वजन: शरीर का भार बढ़ने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।


उम्र: उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डी कमजोर होती जाती है, जिससे कमर दर्द की संभावना बढ़ जाती है।


चोट: गिरने या किसी दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी या मांसपेशियों में चोट लगने से कमर दर्द हो सकता है।


बीमारियां: गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, और डिस्क हर्नियेशन जैसी बीमारियां भी कमर दर्द का कारण बन सकती हैं।


कमर दर्द से राहत के लिए आयुर्वेदिक उपाय:


आयुर्वेद में कमर दर्द को "कटि शूल" कहा जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा में जड़ी-बूटियों, योग और प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करके कमर दर्द को कम करने और ठीक करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।


कुछ आयुर्वेदिक उपचार:


अश्वगंधा: यह जड़ी-बूटी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और दर्द को कम करने में मदद करती है।


बोसवेलिया: यह जड़ी-बूटी सूजन को कम करने और दर्द से राहत देने में मदद करती है।


शिलाजीत: यह जड़ी-बूटी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है।


योग: योगासन जैसे कि सूर्यनमस्कार, भुजंगासन, और मर्कटासन कमर दर्द को कम करने में मदद करते हैं।


मालिश: तिल के तेल या सरसों के तेल से नियमित रूप से मालिश करने से दर्द कम होता है और रक्त प्रवाह बेहतर होता है।


पंचकर्म: यह आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है, जो कमर दर्द का कारण बन सकते हैं।


प्राकृतिक उपचार:


हल्दी: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द और सूजन को कम करते हैं।


अदरक: अदरक में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है।


लहसुन: लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द और सूजन को कम करते हैं।


एलोवेरा: एलोवेरा जेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो दर्द और सूजन को कम करते हैं।


कमर दर्द से बचाव:


नियमित व्यायाम करें: योग, तैराकी, और साइकिल चलाना जैसे व्यायाम कमर दर्द को कम करने और रोकने में मदद करते हैं।


स्वस्थ वजन बनाए रखें: अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे कमर दर्द हो सकता है।


सही मुद्रा में बैठें: लंबे समय तक बैठें रहने से कमर मे दर्द हो सकता हैं इसलिये लंबे समय तक नही बैठे।


अस्वीकरण: publickhabar.com पर प्रकाशित सभी स्वास्थ्य संबंधी लेखों को तैयार करते समय सावधानी बरती गई है। ये लेख केवल पाठकों की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए लिखे गए हैं। publickhabar.com लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना के लिए किसी भी तरह का दावा या जिम्मेदारी नहीं लेता है।

उपरोक्त लेख में उल्लिखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।

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