मोरयाई छठ व्रत 2025: 29 अगस्त को सूर्य उपासना और गंगा स्नान का जानें महत्व और पूजा विधि

मोरयाई छठ व्रत 2025 : भाद्रपद शुक्ल षष्ठी का पावन पर्व
हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का विशेष स्थान है। इन्हीं पावन पर्वों में से एक है मोरयाई छठ व्रत, जो भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह व्रत 29 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह पर्व सूर्य देव की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और श्रद्धालु इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और व्रत का पालन करके पुण्य अर्जित करते हैं।
मोरयाई छठ व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोरयाई छठ का व्रत करने से न केवल संतान सुख की प्राप्ति होती है, बल्कि परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार भी होता है। यह व्रत सूर्य देव को समर्पित है और माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से घर-परिवार पर सूर्य की दिव्य किरणों का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही गंगा स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा को पवित्रता का अनुभव होता है।
पूजा विधि और नियम
मोरयाई छठ व्रत के दिन प्रातःकाल गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसके बाद व्रती शुद्ध वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा स्थल पर सूर्य देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करके लाल वस्तुएं जैसे लाल फूल, लाल वस्त्र, लाल चंदन और गुड़ अर्पित किए जाते हैं। पूजा के समय सूर्य मंत्र "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जाप विशेष रूप से फलदायी माना गया है।
विशेष उपाय
1. इस व्रत के दौरान कुछ सरल उपाय करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और संतान व परिवार का जीवन सुखमय बनता है—
2. तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल पुष्प और अक्षत मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें।
3. गरीबों को लाल वस्त्र और मीठा दान करें।
4. सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करने से विशेष लाभ मिलता है।
5. व्रत के दौरान संयम और सात्विकता का पालन अवश्य करें।
मोरयाई छठ व्रत केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन को सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि से भरने का अवसर है। 29 अगस्त 2025 को श्रद्धा और भक्ति भाव से किए गए इस व्रत से न केवल सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि संतान सुख और परिवार की उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।